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21 साल साथ रहने के बाद पत्नी को मिलेगा गुजारा भत्ता, पति जिम्मेदारी से नहीं बच सकता: हिमाचल HC का बड़ा फैसला

Published: Sun, 18 Oct 2026 11:52 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि 21 साल तक साथ रहने वाली महिला गुजारा भत्ते की हकदार ...और पढ़ें

पहले पति से तलाक न होने पर भी मिलेगा गुजारा भत्ता।

पहले पति से तलाक न होने पर भी मिलेगा गुजारा भत्ता।


HighLights

  1. 21 साल साथ रहने वाली महिला गुजारा भत्ते की हकदार

  2. पहले पति से तलाक न होने पर भी मिलेगा भत्ता

  3. हिमाचल हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा

डिजिटल डेस्क, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पारिवारिक कानून और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई महिला किसी व्यक्ति के साथ 21 वर्षों से अधिक समय तक पत्नी के रूप में रही है, तो वह दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) पाने की पूर्ण हकदार है।

देना होगा गुजारा भत्ता

अदालत ने माना कि लंबे समय तक साथ में रहने और सार्वजनिक रिकार्ड में पत्नी का दर्जा देने के बाद पति केवल इस तकनीकी आधार पर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि महिला का अपने पहले पति से औपचारिक तलाक नहीं हुआ था।

कितना तय हुआ गुजारा भत्ता?

न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और माननीय न्यायाधीश योगेश जसवाल की पीठ ने माना कि फैमिली कोर्ट मंडी के आदेश में कोई कानूनी त्रुटि नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने पति की पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया और महिला के पक्ष में तय 5,000 प्रति माह गुजारा भत्ते के आदेश को बरकरार रखा।

फैमिली कोर्ट मंडी ने 25 मार्च 2025 को याचिकाकर्ता अश्वनी कुमार को आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी दासी उर्फ उमा देवी को याचिका दायर करने की तिथि से 5,000 प्रति माह का गुजारा भत्ता दे।

पति ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दलील दी गई कि महिला का उसके पहले पति से औपचारिक तलाक नहीं हुआ था। हाई कोर्ट ने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया, फैमिली कोर्ट मंडी के आदेश में कोई कानूनी त्रुटि नहीं।

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