विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फैंसी लाइट के दौर में भी मिट्टी के दीयों की अलग चमक, दिवाली के लिए रंग-बिरंगे और खुशबू वाले दीपक भी बाजार में

By Shikha Verma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 02 Nov 2026 06:23 AM (IST)

आधुनिक रोशनी के बावजूद, शिमला में दिवाली पर मिट्टी के दीयों का महत्व बरकरार है। लोग घरों को रोशन करने के लिए पारंपरिक दीयों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

दिवाली के लिए शिमला में रखे मिट्टी के तरह-तरह के दीये। जागरण

दिवाली के लिए शिमला में रखे मिट्टी के तरह-तरह के दीये। जागरण

HighLights

  1. शिमला में दिवाली पर मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ी।

  2. पारंपरिक दीयों के साथ रंग-बिरंगे, खुशबूदार विकल्प उपलब्ध।

  3. आधुनिक रोशनी के बावजूद धार्मिक महत्व के कारण पसंद।

जागरण संवाददाता, शिमला। आधुनिकता के दौर में भले ही घरों और बाजारों को रोशन करने के लिए बिजली की लड़ियां, एलईडी लाइट और तरह-तरह के सजावटी सामान उपलब्ध हैं, लेकिन दीपावली पर मिट्टी के दीयों का महत्व आज भी बरकरार है। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ गई है। 

लोग आज भी इस पर्व पर पारंपरिक तरीके से घरों को रोशन करने के लिए मिट्टी के दीये खरीदना पसंद कर रहे हैं। बाजार में छोटे से लेकर बड़े आकार और अलग-अलग रंगों में तैयार किए गए मिट्टी के दीयों की खूब बिक्री हो रही है।

रंग-बिरंगे दीये भी उपलब्ध

शिमला के बाजार में सबसे छोटे आकार के सामान्य मिट्टी के दीये 30 रुपये दर्जन से उपलब्ध हैं। वहीं, रंग-बिरंगे और अलग-अलग डिजाइन वाले दीयों की कीमत 50 से 100 रुपये दर्जन तक रखी गई है। 

बड़ा दीया 50 से 200 रुपये का

इसके अलावा बड़े आकार के दीये भी बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग घरों के मुख्य द्वार, मंदिर और आंगन में सजाने के लिए खरीद रहे हैं। बड़े दीयों की कीमत 50 से 200 रुपये तक प्रति दर्जन है। कुछ दीये आकार और सजावट के लिहाज से सामान्य दीयों से अलग हैं, इसलिए उनकी कीमत भी अधिक है।

मटका दीया, खुशबू और पानी में तैरने वाले दीये 

दुकानदारों ने इस बार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मटके वाले दीये, खुशबू वाले दीये और पानी पर तैरने वाले दीयों सहित कई विकल्प रखे हैं। इनकी कीमत डिजाइन और आकार के अनुसार अलग-अलग है। बाजार में सजावटी दीयों की कई किस्में होने के बावजूद पारंपरिक मिट्टी के दीयों को लेकर लोगों का आकर्षण बना हुआ है।

क्यों खास हैं मिट्टी के दीये

लोगों का कहना है कि आर्टिफिशियल दीये देखने में भले ही आकर्षक लगते हों, लेकिन मिट्टी के दीयों का धार्मिक और पारंपरिक महत्व अलग है। इन्हें साफ करके दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि आधुनिक रोशनी के विकल्पों के बीच भी लोग दिवाली पर घरों को मिट्टी के दीयों से रोशन करना पसंद कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: हिमाचल की सुक्खू सरकार का बेसहारा बच्चों को हैप्पी दिवाली, 33 लाख रुपये उत्सव भत्ता जारी किया 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।