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हिमाचल की सुक्खू सरकार का बेसहारा बच्चों को हैप्पी दिवाली, 33 लाख रुपये उत्सव भत्ता जारी किया

By Mukesh Kumar Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 01 Nov 2026 02:18 PM (IST)Updated: Sun, 01 Nov 2026 03:17 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत मंडी जिले के 791 बेसहारा बच्चों को दिवाली सहित अन्य त्योहारों ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. मंडी में 791 बच्चों को 33 लाख का उत्सव भत्ता मिला।

  2. प्रत्येक बच्चे को त्योहारों पर 500 रुपये भत्ता दिया जाता है।

  3. योजना शिक्षा, आवास, रोजगार में भी सहायता प्रदान करती है।

जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में दिवाली सहित अन्य त्योहारों पर उत्सव भत्ता देकर बेसहारा बच्चों को सरकार ने गिफ्ट दिया है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत मंडी जिले में 791 बच्चों को 33 लाख रुपये का उत्सव भत्ता जारी किया गया है। प्रत्येक बच्चे को हर त्योहार पर 500 रुपये भत्ता दिया जाता है। दिवाली पर भी 500 रुपये दिए गए हैं, भैया दूज पर भी 500 रुपये मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सुखाश्रय योजना के जरिए बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, आवास और विवाह अनुदान उपलब्ध करवाया है।

पूर्ण बेसहारा बच्चों को 4000 रुपये प्रतिमाह 

वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 और 30 सितंबर, 2026 तक 12 करोड़ 94 लाख 74 हजार 392 रुपये खर्च किए गए। पूर्ण बेसहारा बच्चों को 4,000 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा राशि दी जा रही है। बाल एवं बालिका देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों को श्रेणी के अनुसार मंडी में 6.53 करोड़ रुपये से अधिक दिए गए हैं। पोषण अनुदान के रूप में करीब 51 लाख रुपये मिले हैं। 

उच्च शिक्षा के लिए 72 पूर्ण अनाथ बच्चों को करीब 36 लाख और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 50 बच्चों को 26 लाख रुपये से अधिक की सहायता दी गई। स्वरोजगार के लिए 23 बच्चों को 42.46 लाख रुपये मिले।

मकान बनाने के लिए 1.29 करोड़ जारी

जिले में 65 लाभार्थियों को विवाह अनुदान के रूप में 1.29 करोड़ रुपये और 108 पात्र लोगों को मकान निर्माण के लिए 2.10 करोड़ रुपये दिए गए। तीन भूमिहीनों को दो-दो बिस्वा भूमि आवंटित हुई। कनैड क्षेत्र के गौरव ने गृह निर्माण व विवाह तथा सरकाघाट क्षेत्र के साहिल ने मकान बनाने के लिए अनुदान प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना इस सोच पर आधारित है कि अनाथ बच्चों की शिक्षा, कौशल, आवास और आजीविका के अवसरों से जोड़ा जाए, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
-अपूर्व देवगन, उपायुक्त, मंडी।

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