यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
CAPSI ने निजी सुरक्षाकर्मियों को पैरा पुलिस का दर्जा देने की मांग की, इज़राइल जैसी घटनाओं को ध्यान में रखकर किया आग्रह
सीएपीएसआई (CAPSI) ने निजी सुरक्षाकर्मियों को पैरा पुलिस में अपग्रेड करने की मांग की है। इसको लेकर सीएपीएसआई के राष्ट्रीय ...और पढ़ें

HighLights
- सीएपीएसआई ने निजी सुरक्षाकर्मियों को पैरा पुलिस में अपग्रेड करने की मांग की
- इज़राइल के घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल किया गया आग्रह
- सुरक्षाकर्मियों कौशल और अंतरराष्ट्रीय मानकों का ज्ञान प्रदान किया जाए
जागरण संवाददाता, शिमला। सीएपीएसआई (CAPSI) ने निजी सुरक्षाकर्मियों को पैरा पुलिस (Para Police) में अपग्रेड करने की मांग की है। इससे आने वाले समय में पुलिस भर्ती की ज़्यादा ज़रूरत नहीं पड़ेगी। निजी सुरक्षा उद्योग के शीर्ष निकाय सीएपीएसआई के राष्ट्रीय अघ्यक्ष कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि इज़राइल के घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार से सुरक्षा कौशल और अंतरराष्ट्रीय मानकों का ज्ञान प्रदान करके निजी सुरक्षा कर्मियों की भूमिका को पैरा पुलिस का दर्जा देने का आग्रह किया है।
मानव और कॉर्पोरेट संपत्तियों की सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा पेशेवर हैं कार्यरत
भारत में मानव और कॉर्पोरेट संपत्तियों की सुरक्षा के लिए 1 करोड़ से अधिक निजी सुरक्षा पेशेवर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि हम विश्व में सबसे बड़े निजी सुरक्षा कार्यबल हैं। अब समय आ गया है कि सुरक्षा कौशल और अंतरराष्ट्रीय मानकों का ज्ञान निजी सुरक्षा की भूमिका को पैरा पुलिस में उन्नत किया जाए।
भारतीय मानक ब्यूरो ने पहले ही निजी सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक विकसित कर लिया है। इन उच्च प्रशिक्षित सुरक्षा पेशेवरों को सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक सुरक्षा में नई भूमिका दी जा सकती है।
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सुरक्षा गार्डों और पर्यवेक्षकों मिले पैरा पुलिस का दर्जा
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय को निजी सुरक्षा गार्डों और पर्यवेक्षकों को पैरा पुलिस कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से करने के लिए प्रशिक्षित कर पैरा पुलिस का दर्जा देने पर विचार करना चाहिए, जिससे देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपलब्ध समग्र सुरक्षाकर्मियों में वृद्धि होगी। निजी सुरक्षा गार्ड, जिनके पास भारतीय मानक ब्यूरो बीआईएस द्वारा स्थापित मानदंडों के अनुसार पैरा पुलिस प्रशिक्षण है। वह संभावित सुरक्षा खतरों और आपातकालीन स्थितियों पर कारवाई करने में सक्षम हैं।
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इसके साथ ही वह जोखिमों को कम करने, सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा करने और गंभीर सुरक्षा स्थितियों के दौरान सहायता करने में पूरी तरह योग्य एवं सक्षम हैं। कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि एक मज़बूत राष्ट्रीय सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार, सेना, खुफिया एजेंसियों और नागरिक के बीच खुले संवाद विकसित करना महत्वपूर्ण है।
नियमित ब्रीफिंग, परामर्श और खुले मंच पर विश्वास को बढ़ावा देने, ज्ञान साझा करने और सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सामूहिक निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।
