शिमला [जेएनएन] : संकटों को हरने वाला और सुख समृद्धि देने वाला अनंत चतुर्दशी का व्रत 15 सितंबर को किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में चतुर्दशी 15 सितंबर को सुबह 6:09 मिनट पर शुरू होगी और दिनभर रहेगी। अनंत चतुर्दशी का व्रत करने से सभी कष्ट दूर होते है और सिद्धी, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। विशेषकर यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा के लिए किया जाता है। इस दिन अनंत भगवान के साथ विष्णु भगवान व गणपति पूजन का विधान शास्त्रों में बताया गया है।

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पुराणों के अनुसार जब पांडव जुए में राजपाठ हारकर जंगल में भटक कर कष्ट झेल रहे थे तो भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनंत चतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी। इस व्रत के प्रभाव से पांडव सभी कष्टों से मुक्त हुए और महाभारत के युद्ध मे उनकी जीत हुई थी। इस दिन व्रती को सुबह स्नान करने के बाद कलश पर अष्टदल कमल के समान बने बर्तन मे कुश से निर्मित अनंत की स्थापना करनी चाहिए। इसके बाद शास्त्रानुसार भगवान अनंत के साथ भगवान विष्णु और विघ्नहर्ता गणेश जी को याद कर उनकी पूजा करनी चाहिए।

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कई धर्मो मे प्रचलित है अनंत चतुर्दशी

अनंत चतुर्दशी का पर्व हिदुओं के साथ जैन समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण और कामनाओं से भरा है। जैन धर्म के दशलक्षण पर्व का इस दिन समापन होता है। जैन अनुयायी श्रीजी की शोभायात्रा निकालते है और भगवान का जलाभिषेक करते है।

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