यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हॉस्टल से निकालने की धमकी दे रहा प्रशासन
शिमला में हड़ताल पर बैठे प्रशिक्षु दंत चिकित्सकों को डेंटल कॉलेज प्रशासन हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकियां दे रहा है। यह आरोप प्रशिक्षु दंत चिकित्सको ने लगाए हैं।

जेएनएन, शिमला : मांगो के समर्थन में हड़ताल पर बैठे प्रशिक्षु दंत चिकित्सकों को डेंटल कॉलेज प्रशासन हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकियां दे रहा है। यह आरोप हड़ताल पर गए प्रशिक्षु दंत चिकित्सको ने लगाए हैं।
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कॉलेज के सीएससीए के उपाध्यक्ष अनिल आजटा, डॉ. रोहित पठानिया व दीपक ठाकुर ने कहा कि प्रिंसिपल हड़ताल पर बैठे प्रशिक्षु डॉक्टरो को धमकाया जा रहा है। उन्हें वापस बुलाने के लिए हॉस्टल से निकालने की धमकियां दी जा रही हैं और अन्य प्रशिक्षु डॉक्टरो को उनकी डिग्री खराब करने तक की धमकियां दे जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु डॉक्टरो को डरा धमका कर कॉलेज प्रशासन हड़ताल को बंद करवाना चाह रहा है। बकौल डॉ. दीपक ठाकुर,उनकी लड़ाई कॉलेज प्रशासन से नहीं है, लेकिन उसके बाद भी कॉलेज प्रशासन प्रशिक्षुओ को डरा धमका रहा है। इस प्रकार का अत्याचार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
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परेशान हुए मरीज
डेंटल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टरो के हड़ताल पर चले जाने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आज भी कई मरीजों को बिना उपचार के ही लौटना पड़ा। हालांकि डेटल कॉलेज में प्रोफेसरो और सहायक प्रोफेसरो के सहारे कुछ मरीजों का उपचार तो किया जा रहा था, लेकिन सभी का उपचार करने में उन्हें भी दिक्कत पेश आ रही थी। डेंटल कॉलेज में रोज पांच सौ से अधिक मरीज दांतो के उपचार के लिए आते है।
