मंडी, जेएनएन। बैंक में गड़बड़ी नया मामला सामने आया है। मंडी निवासी अरुण पुरी ने अजय शर्मा के खाते में जमा करवाने के लिए 9200 रुपये का चेक दिया था। बैंक ने खाते से 92 हजार रुपये काट लिए। 82800 रुपये की वापसी के लिए मोती बाजार के रहने वाले अरुण पुरी एक माह से बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। अरुण पुरी ने अब शहरी पुलिस चौकी मंडी में शिकायत दर्ज करवाई है।

अरुण पुरी ने बताया कि उसने अजय शर्मा के खाते में पैसे जमा करवाने थे। इसके लिए 28 सितंबर को पीएनबी मोती बाजार मंडी का चेक नंबर 349488 जारी किया था। इसमें 9200 रुपये रकम भरी थी। अजय शर्मा ने चेक बैंक ऑफ इंडिया के खाते में जमा करवाया था। अगले दिन अरुण पुरी के मोबाइल पर संदेश आया कि उसके खाते से 92 हजार डेबिट हुए हैं।

उसने सोचा कि संदेश गलती से 9200 की बजाय 92 हजार रुपये का आ गया होगा। उसने बैंक ऑफ इंडिया में जाकर काटे गए चेक को निकलवा कर इस बात की तसल्ली की कि कहीं गलती से 92 हजार की रकम तो नहीं लिख दी थी। मगर चेक पर 9200 रुपये ही लिखे पाए गए। इसके बाद वह पीएनबी गया। पीएनबी प्रबंधन ने जांच के बाद बताया कि बैंक ऑफ इंडिया ने ही पैसे काटकर अपने ग्राहक के ऋण खाते में डाल दिए हैं। अब अरुण 82800 को पाने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहा है।

बैंक प्रबंधन के खिलाफ शहरी पुलिस चौकी मंडी को शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है।

-गुरदेव शर्मा, पुलिस अधीक्षक मंडी

छह हजार रुपये के लिए गंवाए 59.50 हजार

प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के नाम पर ठियोग उपमंडल में ऑनलाइन ठगी की जा रही है। ठियोग के वार्ड सात के रहीघाट के अलावा कथाल में ऑनलाइन ठगी के दो मामले सामने आए हैं। शातिरों ने करीब 70 हजार रुपये की ठगी की है। ठियोग के रहीघाट में सुनार शत्रुघन शाह ने बताया कि उन्हें सोमवार सुबह एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) शिमला का डॉक्टर बताया। उसने प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत छह हजार रुपये जमा करवाने के लिए उनसे पत्नी अंजु देवी का बैंक खाता नंबर और एटीएम कार्ड नंबर मांगा। उन्होंने यह जानकारी दे दी। शातिर ने फोन पर आया ओटीपी शेयर करने को कहा। उनके पास कोई मैसेज न आने पर फोन करने वाले ने सर्वर में दिक्कत बताकर किसी और खाते की जानकारी मांगी। शत्रुघन ने अपना बैंक खाता व एटीएम कार्ड नंबर और फोन पर आया ओटीपी शेयर किया। इस पर उन्हें 40 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। बैंक में जाने पर उन्हें पता चला कि उनकी  पत्नी के खाते से भी साढ़े उन्नीस हजार रुपये निकाले गए हैं।

वहीं, संधु के कथाल गांव में शातिर ने आशा वर्कर हेमलता को केएनएच का डॉक्टर बताकर उससे मातृ वंदना योजना के आवेदकों की सूची मांगी। शातिर ने कथाल निवासी सुशील की पत्नी को फोन कर उससे बैंक खाते और एटीएम कार्ड की डिटेल मांगी। शातिर के झांसे में आकर उसने 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। सुशील ने पुलिस थाना ठियोग मे शिकायत दर्ज करवाकर शातिरों को जल्द पकड़ने की मांग की है। ठियोग के डीएसपी कुलविंद्र सिंह ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। 

बैंक का एप डाउनलोड करना पड़ा महंगा, खाते से उड़ाए हजारों रुपये

कैसे कर रहे ठगी

शातिर खुद को केएनएच शिमला का डॉक्टर बताते हैं। वे इसी साल मां बनी उन महिलाओं को फोनकर उनके बैंक खातों की जानकारी जुटा रहे हैं जिन्हें सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत छह हजार की बकाया राशि नहीं आई है।

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