मंडी: वर्षों के इंतजार के बाद नवरात्र में आई नन्हीं परी तो फूलों से सजी कार में स्वागत, बोले- साक्षात दुर्गा आईं
मंडी के धनोटू में ललित और सिमरन के घर नवरात्र के पहले दिन नन्हीं परी का आगमन हुआ, जिसे परिवार मां दुर्गा का आशीर्वाद मान रहा है।
HighLights
मंडी में नवरात्र के पहले दिन जन्मी नन्हीं परी।
फूलों से सजी थार में हुआ बच्ची का भव्य स्वागत।
परिवार ने माना इसे मां दुर्गा का साक्षात आगमन।
हीरा सिंह कौशल, महादेव (मंडी)। शारदीय नवरात्र का पावन पर्व और उस पर भी पहला दिन... जब साक्षात मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ एक घर में उस शक्ति का जीवंत रूप अवतरित हो जाए, तो उत्सव का यह माहौल शब्दों से परे हो जाता है। हिमाचल प्रदेश में जिला मंडी के धनोटू विकास खंड के अपर बैहली पंचायत से एक बेहद मनमोहक और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है।
वर्षों का लंबा इंतजार, अटूट मन्नतें और आखिरकार माता संतोषी की कृपा से ललित चौहान उर्फ लवली और सिमरन के आंगन में जब नन्हीं परी ने कदम रखे, तो पूरा क्षेत्र खुशी से झूम उठा। परिवार इसे किसी वरदान या चमत्कार से कम नहीं मान रहा है।
दुल्हन की तरह सजी थार, फूलों की वर्षा और आंसुओं में झलकती खुशियां
गुटकर के मांडव अस्पताल में नौ अक्टूबर शुक्रवार को जन्मी इस लाडली का घर वापसी का सफर किसी फिल्मी दृश्य से कम भव्य नहीं था। नन्हीं परी को घर लाने के लिए एक शानदार थार समेत विशेष गाड़ियों को फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। जब यह काफिला ढोल-नगाड़ों और अपनों की शुभकामनाओं के साथ घर पहुंचा, तो स्वजन की आंखें खुशी के आंसुओं से नम हो गईं।
पारंपरिक रिवाज से स्वागत
घर के मुख्य द्वार पर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए, नन्हीं परी के कोमल चरणों से कलश छुआ गया। इसके बाद फूलों और भव्य रंगोली से सजाए गए रास्तों से गुजरते हुए उसे उसके फूलों जैसे सुसज्जित कमरे तक लाया गया।
बरसों बाद गूंजी किलकारी, दिवाली सा माहौल
चाचा और ताया के कुल छह भाइयों वाले इस बड़े-भरे परिवार में लाडली की यह किलकारी लंबे अरसे बाद गूंजी है। दादा कमल किशन, दादी हेमलता, नाना नरेंद्र कुमार और नानी सोनू की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। पूरा परिवार माता संतोषी का अनन्य भक्त है। नवरात्र के पहले दिन बेटी के आगमन को घर में साक्षात मां दुर्गा का आगमन मान रहा है।
माता-पिता का कहना है कि यह नन्हीं परी उनके जीवन का सबसे अनमोल उपहार है। इस अनूठी खुशी की गूंज पूरे क्षेत्र में फैल गई और दूर-दूर से रिश्तेदार तथा सगे-संबंधी घर पहुंचकर लाडली को दुलार रहे हैं और ईश्वर से उसकी दीर्घायु व उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
