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भाखड़ा और पौंग जलाशयों की गाद से भरेगा हिमाचल का कोष, सरकार को नीलामी से मिलेगा 1600 करोड़ रुपये का राजस्व

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 05 Nov 2026 01:12 PM (IST)

भाखड़ा और पौंग जलाशयों से गाद की वैज्ञानिक निकासी और नीलामी से हिमाचल सरकार को ₹1600 करोड़ का राजस्व मिलेगा। बीबीएमबी ने यह योजना तैयार की है।

भाखड़ा और पौंग जलाशय से गाद निकाली जाएगी। प्रतीकात्मक फोटो

भाखड़ा और पौंग जलाशय से गाद निकाली जाएगी। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. गाद नीलामी से हिमाचल सरकार को ₹1600 करोड़ राजस्व मिलेगा।

  2. बीबीएमबी ने भाखड़ा, पौंग जलाशयों से गाद निकासी की योजना बनाई।

  3. राज्य में 65,000 करोड़ के निवेश से 13,000 मेगावाट परियोजनाएं।

संवाद सहयोगी, सुंदरनगर (मंडी)। देश की ऊर्जा और सिंचाई व्यवस्था की रीढ़ भाखड़ा एवं पौंग बांध के जलाशयों की गाद हिमाचल सरकार का कोष भरने का काम करेगी। गाद नीलामी से प्रदेश को करीब 1600 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। दोनों बांधों पर मंडराते गाद (सिल्ट) के खतरे और घटती जल-संग्रहण क्षमता के मुद्दे को दैनिक जागरण की ओर से प्रमुखता से उठाए जाने के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) हरकत में आ गया है। 

बीबीएमबी ने तैयार की योजना

बीबीएमबी ने गाद निकासी की योजना तैयार की है। सुंदरनगर में दिवाली फेस्ट 2026 कार्यक्रम में बीबीएमबी के अध्यक्ष इंजीनियर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि भाखड़ा व पौंग जलाशयों से गाद की वैज्ञानिक निकासी और उसकी नीलामी से हिमाचल सरकार को करीब 1,600 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। 

गोबिंद सागर के जल संग्रहण में आई कमी

गोबिंद सागर जलाशय के सीर खड्ड क्षेत्र में 50 मिलियन घन मीटर गाद जमा है। इससे गोबिंद सागर की जल संग्रहण क्षमता में 26.14 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसमें मृत भंडारण क्षमता 47.68 प्रतिशत और जीवंत भंडारण क्षमता 19.10 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है।

65,000 करोड़ का निवेश, 13,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा

बीबीएमबी हिमाचल में 13,000 मेगावाट क्षमता की पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाएं स्थापित करने पर काम कर रहा है। इनमें करीब 65,000 करोड़ के निवेश का अनुमान है। इससे राज्य में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, ब्यास-सतलुज लिंक के तहत 990 मेगावाट के डैहर पावर हाउस की 50 वर्ष पुरानी मशीनों का आधुनिकीकरण होगा।

सुंदरनगर झील को संवारने और लैंडस्केपिंग के लिए 10 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। साथ ही बीबीएमबी ने सीएसआर फंड से बाखली खड्ड के पुल निर्माण सहित सड़कों, पार्कों और अस्पताल सुविधाओं के सुधार का बीड़ा उठाया है।

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