मटौर में 3 घंटे में स्थापित कर दिया कोलकाता से लाया डबल स्टोरी बेली ब्रिज, पठानकोट-मंडी NH से गुजर सकेंगे मल्टी एक्सल वाहन
पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मटौर में मनूनी खड्ड पर नया डबल स्टोरी बेली ब्रिज स्थापित किया गया है। यह 80 ...और पढ़ें

मटौर में बुधवार रात को बेली ब्रिज स्थापित करते इंजीनियर्स। जागरण
HighLights
मटौर में मनूनी खड्ड पर नया डबल स्टोरी बेली ब्रिज स्थापित।
यह नया पुल अब मल्टी एक्सल वाहनों के लिए खुला।
80 फीट लंबा बेली ब्रिज मात्र तीन घंटे में तैयार।
संवाद सहयोगी, चैतड़ू (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मटौर में मनूनी खड्ड पर बुधवार रात नया बेली ब्रिज स्थापित कर दिया गया। 70 आवर्स बेली ब्रिज से अब मल्टी एक्सल वाहन भी आर-पार हो सकेंगे। कोलकाता से लाया गया डबल स्टोरी बेली ब्रिज लगभग 85 लाख रुपये का है और करीब 15 लाख रुपये इसे स्थापित करने पर खर्च आया।
80 फीट लंबे ब्रिज को स्थापित करने के लिए बंद किया हाईवे
बुधवार रात 11:15 बजे पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मटौर और जमानाबाद रोड के बीच यातायात बंद कर दिया गया। 11:20 मिनट पर लगभग 80 फीट लंबे और पौने चार मीटर चौड़े बेली ब्रिज को स्थापित करने का कार्य आरंभ हुआ।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद स्थापित
बड़ी मशीनों की मदद से लगभग तीन घंटे में बेली ब्रिज स्थापित किया गया। रातभर ब्रिज के नट-बोल्ट कसने का कार्य चला। इस दौरान वाहन वाया जमानाबाद-अब्दुल्लापुर-कांगड़ा मार्ग से भेजे गए।
पुराने से ज्यादा क्षमता : रोहित ठाकुर
पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के साइट इंजीनियर रोहित ठाकुर की निगरानी में बेली ब्रिज स्थापित करने का कार्य हुआ। उनके मुताबिक पुराना पुल 24 आवर्स का था और इसकी लोडिंग 16 टन तक थी। बड़े वाहन गुजरने के कारण इसकी कुछ प्लेट टूट गई थीं। पुल को भी क्षति पहुंची थी। नए पुल से अब मल्टी एक्सल वाहन भी गुजर सकेंगे। उनके मुताबिक लोडिंग कैपेस्टी के मुताबिक बेली ब्रिज के ग्रेड निर्धारित हैं।
आज शुरू होगी आवाजाही
पुल मनूनी खड्ड के ऊपर रख दिया गया है, अब इसे सेट किया जा रहा है। इसके नट बोल्ट टाइट किए जा रहे हैं। आज पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी।
बेली ब्रिज के प्रमुख फायदे
- जल्दी निर्माण : सामान्य पुलों की तुलना में इसे बहुत कम समय में तैयार किया जा सकता है।
- कम लागत : कई परिस्थितियों में स्थायी पुल के निर्माण की तुलना में यह किफायती विकल्प होता है।
- यातायात बहाल रखने में मदद : पुराने पुल की मरम्मत या नए पुल के निर्माण के दौरान वैकल्पिक आवाजाही उपलब्ध करवाता है।
- मजबूत ढांचा: स्टील से बने होने के कारण निर्धारित भार क्षमता के अनुसार वाहनों का आवागमन संभव होता है।
- कहीं भी स्थापित किया जा सकता है : नदियों, नालों और खड्डों पर जरूरत के अनुसार इसे लगाया जा सकता है।
- दोबारा इस्तेमाल : इसके कई हिस्सों को खोलकर दूसरी जगह भी स्थापित किया जा सकता है।
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