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हिमाचल में दो-तीन चुनाव हार चुके नेताओं के टिकट और पद की होगी समीक्षा, कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने दिया कड़ा संदेश

Published: Fri, 23 Oct 2026 04:06 PM (IST)

हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने मंडी में कहा कि लगातार चुनाव हारने वाले नेताओं के टिकट और पद की ...और पढ़ें

कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने दिया कड़ा संदेश (जागरण फोटो)

कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने दिया कड़ा संदेश (जागरण फोटो)


HighLights

  1. लगातार चुनाव हारने वाले नेताओं के टिकट की समीक्षा होगी

  2. नए और जमीनी कार्यकर्ताओं को पार्टी में आगे बढ़ाया जाएगा

  3. अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, एकजुटता पर जोर

जागरण संवाददाता, मंडी। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने मंडी में संगठनात्मक बैठक के दौरान पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन चुनावों में लगातार हारने वाले नेताओं को दोबारा टिकट या पद देने से पहले गहन समीक्षा की जाएगी। अब नए और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे लाने का समय है।

पाटिल ने कहा कि उम्मीदवारों के चयन का अधिकार किसी एक व्यक्ति के पास नहीं है। उनके, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू या प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार के हाथ में किसी को पद या टिकट देने की शक्ति नहीं है। यह फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा।

सभी नेताओं के कामकाज के सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष हाईकमान के सामने रखे जाएंगे और केंद्रीय नेतृत्व का निर्णय सर्वोपरि होगा।

पार्टी लाइन से हटकर काम करने वालों पर होगा एक्शन

पार्टी में अनुशासनहीनता पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर बयानबाजी करने या पार्टी लाइन से हटकर काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

सभी को एकजुट होकर चलना होगा, अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सबको साथ में आना ही पड़ेगा, अगर साथ नहीं आए तो फिर सब घर बैठ जाओ।

मिशन रिपीट के लिए जमीन पर मेहनत जरूरी

आगामी चुनौतियों का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा कि कागजी दावों या एक नारे को बार-बार दोहराने से सरकार रिपीट नहीं होगी। लक्ष्य हासिल करने के लिए जमीन पर उतरकर कड़ी मेहनत करनी होगी। वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर के साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए वह हर क्षेत्र का दौरा करेंगी।

जनता की राय के आधार पर ही मजबूत उम्मीदवार चुने जाएंगे। बैठक में एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं से हिमाचली टोपी पहनकर आने को कहा गया।

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