कुल्लू में कार पर गिरी चट्टानें, पलक झपकते ही चकनाचूर हो गई गाड़ी; बाल-बाल बची ड्राइवर की जान
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में मणिकर्ण-बरशैणी सड़क पर घटीगढ़ क्षेत्र में एक चलती कार पर चट्टान गिरने से वह पूरी ...और पढ़ें
HighLights
चलती कार पर चट्टान गिरी, वाहन चकनाचूर हो गया।
चालक ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
स्थानीय लोग 30 अप्रैल को चक्का जाम करेंगे।
संवाद सहयोगी, कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में चलती कार पर चट्टान आ गिरी। मणिकर्ण-बरशैणी सड़क पर स्थित घटीगढ़ क्षेत्र में सड़क पर भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से भारी चट्टानें, पत्थर और मलबा गिरने से कार पूरी तरह दब गई और चकनाचूर हो गई। गनीमत यह रही कि चालक ने समय रहते सतर्कता दिखाते हुए वाहन से बाहर निकलकर जान बचा ली, अन्यथा जान खतरे में पड़ना तय था।
लगातार हो रहा भूस्खलन बना खतरा
घटीगढ़ क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। यहां मौसम चाहे साफ हो या बरसात, पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहता है। इस कारण इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के सिर पर हर समय खतरा मंडराता रहता है। ताजा घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले भी आया था वाहन चपेट में
ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार उपायुक्त और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से भी मिल चुके हैं। उन्होंने बार-बार स्थायी समाधान की मांग उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे पहले 7 अप्रैल को भी एक वाहन मलबे की चपेट में आ चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पुल निर्माण की योजना ही बन रही
हाल ही में विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घटीगढ़ क्षेत्र का दौरा किया था और यहां पुल निर्माण की योजना तैयार की गई थी। लेकिन योजना के धरातल पर उतरने से पहले ही एक और हादसा हो गया, जिससे लोगों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं। अब मणिकर्ण घाटी के लोगों ने 30 अप्रैल को हाथिथान चौक पर चक्का जाम करने का निर्णय लिया है।
वैली ब्रिज का दे चुके सुझाव
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी कई बार यहां वैली ब्रिज लगाने का सुझाव दे चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की। लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों का आक्रोश बढ़ा दिया है।
2023 से जारी भूस्खलन
घटीगढ़ क्षेत्र में वर्ष 2023 से लगातार भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। वर्ष 2025 के नवंबर माह में भी यहां बार-बार मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई थीं। स्थिति यह है कि सप्ताह में दो से तीन बार मार्ग बाधित हो जाता है। यही मार्ग तोष, पुलगा और खीरगंगा जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ता है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में यह समस्या न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटन पर भी गहरा असर डाल रही है।
