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हिमाचल में कुदरत का कहर, कुल्लू में नूहाडा वाटरफॉल के पास बादल फटा; गांव जाने वाले रास्ते ठप

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:14 AM (IST)

कुल्लू की सैंज घाटी की सुचैहण पंचायत में बादल फटने से छह पुलियां बह गईं और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए।

कुल्लू में क्लाउडब्रस्ट (सोशल मीडिया)

कुल्लू में क्लाउडब्रस्ट (सोशल मीडिया)

HighLights

  1. कुल्लू की सैंज घाटी में बादल फटने से छह पुलियां बहीं

  2. चंबा में मणिमहेश यात्रा के दौरान एक श्रद्धालु की ठंड से मौत

  3. हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात के बाद बढ़ी सुबह-शाम की ठंड

जागरण टीम, शिमला। रोहतांग, बारालाचा, शिंकुला सहित धौलाधार की पहाड़ियों पर वीरवार को हुए सीजन के पहले हिमपात के बाद हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंड बढ़ने लगी है, जबकि दिन में धूप खिलने से तापमान में वृद्धि हुई है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर जहां धूप खिली, वहीं कुल्लू की सैंज घाटी की सुचैहण पंचायत के नूहाडा वाटरफॉल क्षेत्र में बादल फट गया।

तेज वर्षा के बाद आए बाढ़ के पानी व मलबे ने क्षेत्र में कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया। करीब छह पुलियां बह गईं। गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पेयजल योजनाओं के पाइप को भी नुकसान पहुंचा है। वाटरफाल क्षेत्र में मलबा जमा हो गया है। सुचैहण पंचायत के प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने कहा कि क्षतिग्रस्त पुलियों व रास्तों के साथ पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता पर बहाल किया जाए।

मणिमहेश यात्रा के दौरान यात्री की मौत

चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा पर गए एक श्रद्धालु की डल झील के समीप ठंड से मौत हो गई। मृतक की पहचान 82 वर्षीय जयराम शर्मा निवासी गांव कलरबत्ता जिला किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) के रूप में हुई है।

वह कमल सिंह वजीर के पारंपरिक छड़ी जत्थे के साथ डल झील में स्नान और भगवान शिव के दर्शन के लिए आए थे। जत्थे के अनुसार जयराम शर्मा अन्य श्रद्धालुओं के साथ पैदल चढ़ाई चढ़ते डल झील पहुंच गए थे। यहां हिमपात और लगातार बर्फीली हवाओं के कारण रात के समय तापमान शून्य से नीचे चला गया।

बुधवार रात अधिक ठंड और गिरते तापमान के कारण जयराम शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। साथी श्रद्धालुओं और सेवादारों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक ठंड के असर के चलते कुछ ही पलों में उन्होंने दम तोड़ दिया।

राहत दल और साथी यात्रियों के सहयोग से शव को बेहद दुर्गम रास्तों से होते हुए नीचे सड़क तक लाया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी भरमौर डा. दीपेश बराल ने बताया कि स्वजन के भरमौर पहुंचने और शिनाख्त के उपरांत ही शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

दिन के तापमान में सात डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि

प्रदेश में दिन के तापमान में सात डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हुई है। लाहुल स्पीति के केलंग में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री, जबकि दिन का सात डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 18.9 रहा। ताबो में न्यूनतम तापमान 3.9, शिमला में 14.5, मनाली 9.9 और कुफरी 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान में सबसे अधिक वृद्धि कल्पा में 7.8, केलंग में सात, भुंतर में 6.5, मंडी में 4.6, बिलासपुर में तीन डिग्री सेल्सियस की आई है।

ऊना में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में आ रहा बदलाव ये बरतें सावधानी मौसम में आ रहे बदलाव को देखते हुए चिकित्सकों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डा. बलवीर वर्मा का कहना है कि मौसम का बदलाव सेहत के लिए बेहद संवेदनशील होता है। थोड़ी सी ढिलाई जुकाम, बुखार, खांसी और वायरल इन्फेक्शन की चपेट में ले सकती है।

सुबह और शाम बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े या जैकेट पहनें। ठंडा पानी, फ्रीज में रखी चीजें और कोल्ड ड्रिंक्स लेने से बचें। खानपान में अदरक, तुलसी, हल्दी और गरम सूप जैसी चीजों को शामिल करें। बीमार होने पर बिना डाक्टरी सलाह एंटीबायोटिक्स या दवाएं न लें।

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