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मनाली की ऊझी घाटी में 42 दिन न बजेगा डीजे और न चलेगा टीवी, सदियों से हो रहा देव प्रतिबंध का पालन; होटलों में भी रहेगी मनाही

By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 13 Jan 2026 03:16 PM (IST)

मनाली की ऊझी घाटी के नौ गांवों में 14 जनवरी से 42 दिनों तक देव आदेश के कारण मनोरंजन पर ...और पढ़ें

मनाली की उझी घाटी में 42 दिन देव प्रतिबंध का पालन होगा। जागरण

मनाली की उझी घाटी में 42 दिन देव प्रतिबंध का पालन होगा। जागरण

HighLights

  1. ऊझी घाटी के नौ गांवों में 42 दिन का प्रतिबंध।

  2. टीवी, रेडियो, डीजे और खेती पर रहेगी पूर्ण रोक।

  3. यह सदियों पुरानी देव आदेश की परंपरा है।

जागरण संवाददाता, मनाली। पर्यटन नगरी मनाली की ऊझी घाटी के नौ गांवों में 42 दिन कोई मनोरंजन नहीं होगा। घाटी के लोग देव आदेश के पालन के लिए तैयार हैं। ऐतिहासिक गांव गोशाल टीवी, रेडियो सहित मनोरंजन के सभी साधनों को ग्रामीणों ने देव आदेश के चलते अपने से दूर करने की तैयारी कर ली है। ऊझी घाटी के नौ गांव 14 जनवरी से 42 दिन तक देव आदेश में बंधने जा रहे हैं। यहां स्थित होटलों में भी डीजे नहीं बजेगा।

इन गांवों के लोगों के आराध्य देव गौतम-व्यास ऋषि और नाग देवता के आदेश का पालन करेंगे। गोशाल गांव के ऐतिहासिक मंदिर की सभी घंटियां बंद हो जाएंगी और मंदिर के कपाट भी बंद हो जाएंगे।

सदियों से हो रहा देव प्रतिबंध का पालन

मान्यता है कि गांव के आराध्य देव 14 जनवरी से तपस्या में लीन हो जाएंगे। देवताओं को शांत वातावरण मिले, इसके लिए ग्रामीण गांव में रेडियो व टीवी नहीं चलाएंगे और न ही खेतों का रुख करेंगे। घाटी के गोशाल गांव सहित कोठी, सोलंग, पलचान, रुआड़, कुलंग, शनाग, बुरुआ तथा मझाच के लोग आज भी देव प्रतिबंध का पालन सदियों से पूरी श्रद्धा से कर रहे हैं।

व्यापक प्रतिबंध के चलते गोशाल गांव के ग्रामीण रेडियो-टीवी का प्रयोग नहीं करेंगे, जबकि अन्य गांव के ग्रामीण खेतों में नहीं जाएंगे।

क्या कहते हैं ग्रामीण

ग्रामीण मेहर चंद ठाकुर, कृष्णा ठाकुर व वेद राम ठाकुर  का कहना है कि उझी घाटी के नौ गांवों के लोग 14 जनवरी से देव प्रतिबंध में बंधने जा रहे हैं। ग्रामीण 42 दिन तक देव आज्ञा का पालन करेंगे। 

देवताओं के स्वर्ग प्रवास से लौटने पर होगा उत्सव

स्वर्ग प्रवास से लौटने पर देवताओं का स्वागत करेंगे तथा आराध्य देवों के सम्मान में उत्सव का आयोजन करेंगे। देवता स्वर्ग प्रवास से लौटते ही भविष्य में होने वाली साल भर की घटनाओं के बारे भी भविष्यवाणी करेंगे। देवता के कारकून विधिपूर्वक देव कार्यो को संपन्न करेंगे।

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