शिमला, जागरण संवाददाता। Kalka Shimla Heritage Track, शिमला में अब रेलवे पर्यटन कारोबार पटरी पर लौट रहा है। पहले जहां शिमला की ओर आने वाली रेलगाडिय़ों में 10 से 20 फीसद आक्यूपेंसी रह रही थी, वहीं अब बढ़कर 70 से 80 फीसद तक पहुंच गई है। शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक जोगिंद्र का कहना है कि शिमला आने वाली रेलगाडिय़ों में आक्युपेंसी बढ़ी है। आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद है। शिमला आने वाले अधिकतर पर्यटक रेलगाड़ी में सफर करना पसंद करते हैं। सड़क से सफर करने में यातायात जाम के कारण समय बर्बाद होता है, इसलिए अधिकतर पर्यटक रेलगाड़ी में वादियों को निहारते हुए सुहावने मौसम का आनंद लेते हुए सफर करते हैं।

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इसके अलावा मैदानी इलाकों से आने वाले पर्यटक रेलगाड़ी में सफर करने के आदी भी होते हैं। रोमांच भरे कालका-शिमला रेलवे ट्रैक से हर माह हजारों पर्यटकों की आवाजाही रहती है। हालांकि मार्च से मई तक जब कोरोना के मामले बढ़े थे तो इस ट्रैक पर चलने वाली रेलगाडिय़ों में महज पांच से 10 फीसद आक्युपेंसी रहती थी।

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अब संक्रमण के मामले घटने के बाद पर्यटक शिमला का रुख करने लगे हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि रेलगाडिय़ों में कोरोना से बचाव के लिए एहतियात बरती जा रही है। हर डिब्बे में मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध रहते हैं। शिमला आने वाले पर्यटकों की हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ने वाली ट्रेन पहली पसंद है। एक बार फ‍िर से पर्यटकों की आमद बढ़ने से लोगों को राहत मिली है।

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Edited By: Rajesh Kumar Sharma