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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Malana Village: मलाणा गांव में चलता है सबसे पुराना लोकतंत्र, इस कारण नहीं बन पाई आज तक सड़क

By Rajesh Kumar SharmaEdited By:
Published: Wed, 27 Oct 2021 10:39 AM (GMT+05:30)Updated: Fri, 12 Nov 2021 01:04 PM (GMT+05:30)

Kullu Malana Villageविश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र वाले जिला कुल्लू के मलाणा गांव का आज भी अपना ही अलग कानून ...और पढ़ें

विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र वाले जिला कुल्लू के मलाणा गांव का आज भी अपना ही अलग कानून है।
विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र वाले जिला कुल्लू के मलाणा गांव का आज भी अपना ही अलग कानून है।

कुल्लू, कमलेश वर्मा। Kullu Malana Village, विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र वाले जिला कुल्लू के मलाणा गांव का आज भी अपना ही अलग कानून है। 2350 आबादी वाले इस गांव का इतिहास देवता जमलू (जमदग्नि ऋषि) के बिना अधूरा है। यहां के लोग देवता जमलू के ही कानून और आदेशों की पालना करते हैं। बताया जाता है देवता जमलू इस गांव की शासन व्यवस्था पर नियंत्रण बनाए रखते हैं। इस गांव के लाेग अपनी संस्कृति, रिति-रिवाज और प्राचीन परंपराओं को आज भी सहेज कर रखे हैं। गूर के माध्यम से देवता जमलू जो आदेश देते हैं, उसी को माना जाता है। देव आदेश न मिलने के कारण ही यहां आज तक सड़क नहीं बन पाई है। इतना ही नहीं यहां के बाशिंदे खुद को सिकंदर का वंशज मानते हैं।

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मान्यता अनुसार महान शासक सिकंदर अपनी फौज के साथ मलाणा क्षेत्र आया था। भारत के कई क्षेत्रों पर जीत हासिल करने और राजा पोरस से युद्ध के बाद सिकंदर के कई वफादार सैनिक जख्मी हो गए थे। सिकंदर खुद भी थक गया था और वह घर वापस जाना चाहता था। लेकिन ब्यास तट पार कर जब वह यहां पहुंचा तो उसे क्षेत्र का शांत वातावरण बेहद पसंद आया।

वह कई दिनों तक यहां ठहरा, जब वह वापस गया तो उसके कुछ सैनिक यहां ठहर गए और बाद में उन्होंने यहीं पर अपने परिवार बनाकर यहां गांव बसा लिया। पंचायत प्रधान राजू राम के अनुसार हमने गांव की सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए इस तरह के कठोर नियम-कानून बनाए हैं। नियमों के तहत गांव में किसी भी सैलानी को किराये पर नहीं रख सकते और न ही अपने घरों का इस्तेमाल गेस्ट हाउस के रूप में कर सकते हैं।

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मंदिर व अन्य वस्‍तु को छूने पर मनाही

जिला कुल्लू की पार्वती घाटी में बसे मलाणा गांव में देवता जमलू के मंदिर में किसी भी चीज को छूने पर मनाही है। गांव में प्रवेश से पहले प्रवेश गेट पर लगे अंग्रेजी और हिंदी में लिखे नियम व कानून को पढ़ना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि गांव के नियम और कानून सबसे अलग हैं जो यहां के लोगों ने खुद बनाए हैं। गांव के बाहर लगे बोर्ड पर साफ शब्दों में लिखा है कि यहां पर किसी भी चीज को छूना मना है, यदि गलती से किसी ने छू लिया तो जुर्माना भरना पड़ता है।

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अपराध पर सजा देते हैं देवता

इस गांव में यदि कोई अपराध करता है तो सजा कानून नहीं, बल्कि देवता जमलू देते हैं। देवता गूर के माध्यम से अपना आदेश सुनाते हैं। अपनी इसी खास परंपरा,रीति-रिवाज और कानून के कारण इस गांव को दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र कहा जाता है। यदि देवता नाराज होते हैं तो पूरे गांव में तबाही आ जाती है।

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