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टांडा अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ करने वाले लैब असिस्टेंट पर कार्रवाई, CM सुक्खू के निर्देश पर सस्पेंड

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 05 Oct 2026 11:40 AM (IST)

टांडा मेडिकल कॉलेज में पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोपी लैब असिस्टेंट जॉनी कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देश पर हुई।

टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का परिसर। जागरण आर्काइव

टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. टांडा मेडिकल कॉलेज में लैब असिस्टेंट निलंबित, छेड़छाड़ का आरोप।

  2. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर हुई कार्रवाई।

  3. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कार्रवाई के बाद हड़ताल वापस ली।

जागरण संवाददाता, टांडा। हिमाचल प्रदेश के डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टांडा में पीजी प्रशिक्षु डाक्टर (जूनियर रेजिडेंट) से छेड़छाड़ के आरोपित लैब असिस्टेंट जोनी कुमार को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान आरोपित का मुख्यालय हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल होगा। आरोपित बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ पाएगा।

सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक ने रविवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। ब्लड बैंक में प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ का मामला दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया था। रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने इसके लिए दैनिक जागरण का आभार जताया है।

ब्लड बैंक में की थी छेड़छाड़

स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल की शिकायत कि ब्लड बैंक में कार्यरत लैब असिस्टेंट जोनी कुमार पर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है।

यदि जांच में आरोप सही जाए जाते हैं तो यह केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 के नियम 3-सी के अंतर्गत हैं। आंतरिक शिकायत समिति की सिफारिश और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जोनी कुमार तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन विभागीय जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।

सूत्र बताते हैं कि टांडा प्रशासन ने आरोपित को शनिवार को ब्लड बैंक से चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में तैनात कर दिया था। इसके बाद आरोपित छुट्टी पर चला गया। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई। पक्ष जानने के लिए की गई कॉल चिकित्सा अधीक्षक ने नहीं उठाई।

यह था मामला

प्रशिक्षु डाक्टर ने चिकित्सा अधीक्षक को शिकायत सौंपी थी कि 28 सितंबर को सायं करीब 4:30 बजे वह रोगी के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था करने ब्लड बैंक में गई थीं। मरीज का इमरजेंसी में सीजेरियन करना जरूरी था। इस दौरान ब्लड बैंक में तैनात लैब असिस्टेंट ने उससे छेड़छाड़ की। अस्पताल प्रशासन ने पीड़िता की शिकायत 29 सितंबर को पुलिस को सौंप दी थी। पुलिस ने 30 सितंबर को कांगड़ा न्यायालय के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज करवाए और आरोपित को नोटिस जारी किया था। कार्रवाई न होने से खफा आरडीए टांडा ने तीन अक्टूबर को दो घंटे की हड़ताल कर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था। आरडीए ने आंतरिक शिकायत समिति की एक रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। कार्रवाई न होने पर सोमवार को हड़ताल का अल्टीमेटम दिया था। आरडीए की मांग थी कि आरोपित लैब असिस्टेंट को निलंबित किया जाए। बीएनएस की धारा 75 और पाश एक्ट (कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम) के तहत आरोपित को गिरफ्तार किया जाए। 

आरडीए ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

आरडीए ने आरोपित लैब असिस्टेंट के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार जताया है। यहां जारी बयान में आरडीए ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के हित में निर्णय लिया। टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी मामले में तुरंत कार्रवाई करते तो आरडीए को हड़ताल करने पर मजबूर  न होना पड़ता। आरडीए ने हड़ताल तुरंत प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया है।

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