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अमेरिका के कब्जे में मैरिनेरा ऑयल टैंकर पर हिमाचल का युवक भी फंसा, घर में चल रही शादी की तैयारी; पिता से हुई थी आखिरी बार बात

By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 11 Jan 2026 11:20 AM (IST)Updated: Sun, 11 Jan 2026 11:55 AM (IST)

अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा जब्त किए गए मैरिनेरा तेल टैंकर में हिमाचल के पालमपुर का रिक्षित चौहान भी फंसा है। ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर का युवक रिक्षित चौहान भी मैरिनेरा ऑयल टैंकर पर फंसा है।

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर का युवक रिक्षित चौहान भी मैरिनेरा ऑयल टैंकर पर फंसा है।

HighLights

  1. पालमपुर का रिक्षित अमेरिकी कब्जे वाले टैंकर में फंसा।

  2. बड़े भाई की शादी से पहले घर आना था।

  3. परिवार ने सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई।

संवाद सहयोगी, पालमपुर। अमेरिकी कोस्ट गार्ड की ओर से कब्जे में लिए गए मैरिनेरा तेल टैंकर में सवार तीन भारतीयों में हिमाचल के पालमपुर का रिक्षित भी शामिल है। अमेरिका ने एक दिन पहले रूस के दो नागरिकों को रिहा कर दिया है, जबकि अन्य अभी अमेरिका के कब्जे में हैं।

अमेरिका ने सात जनवरी को उत्तरी अटलांटिक महासागर में जब्त किए रूसी आयल टैंकर मैरिनेरा समेत उसके 28 सदस्यों को अपने कब्जे में ले रखा है। रिक्षित चौहान पुत्र रणजीत सिंह निवासी नगर निगम पालमपुर वार्ड सात सिद्धपुर के रहने वाले हैं। चार दिन से बेटे की कोई सूचना न आने से स्वजन की चिंता बढ़ गई है।

15 फरवरी तक आना था घर, 17 को घर में शादी

पहली अगस्त, 2025 को मर्चेंट नेवी में बतौर कैडेट मैरिनेरा आयल टैंकर में शामिल हुए रिक्षित चौहान ने 15 फरवरी तक घर आने की सूचना स्वजन को दी थी। उनके बड़े भाई की शादी 17 फरवरी को है। रिक्षित रूटीन तेल आपूर्ति के तहत आयल टैंकर पर थे।

7 जनवरी को अमेरिका ने लिया था कब्जे में

अमेरिका ने सात जनवरी को आइसलैंड के पास अटलांटिक महासागर में मैरिनेरा नामक आयल टैंकर को कब्जे में ले लिया था। अमेरिका की ओर से रूसी जहाज को कब्जे में लेने के समय इसमें कुल 28 सदस्य थे। इनमें 17 यूक्रेनी, छह जार्जियाई, तीन भारतीय और दो रूसी नागरिक थे। तीनों भारतीयों में केरल, गोवा और हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के उपमंडल पालमपुर से रिक्षित चौहान भी शामिल हैं।

आखिरी बार पिता से क्या हुई बात

रिक्षित के पिता रणजीत सिंह ने बताया कि बेटे के साथ अंतिम संपर्क सात जनवरी को हुआ था। उन्होंने बताया कि बेटा तीन वर्ष से मर्चेंट नेवी में कार्यरत है तथा पहली अगस्त को तीसरी बार रूसी आयल टैंकर में बतौर कैडेट चढ़ा था। अंतिम संपर्क में रिक्षित ने कुशलता का हवाला देते हुए आगामी संपर्क की कम संभावना जताई थी। 

पिता को तीन दिन बाद चला पता

रणजीत सिंह ने बताया कि रिक्षित ने बताया था कि अमेरिका से तनाव के कारण कंपनी ने उन्हें वेनेजुएला से लौटने के निर्देश दिए हैं। उन्हें 10 जनवरी को पता चला कि जिस जहाज में उनका बेटा कार्यरत है, उसे अमेरिका ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बेटे को मर्चेंट नेवी में भेजने वाले से संपर्क किया और उन्होंने भी जहाज के अपहरण की पुष्टि की है।

घर में शादी की तैयारियों के बीच चिंता में परिवार

उन्होंने बताया कि घर में बड़े बेटे की शादी 17 फरवरी को है तथा सभी तैयारियों में व्यस्त हैं, लेकिन बेटे से संबंधित आयल टैंकर पर अमेरिका के कब्जे ने चिंता बढ़ा दी है। 

सरकार से मदद की गुहार

स्वजन ने स्थानीय पार्षद संजय राठौर के माध्यम से स्थानीय विधायक आशीष बुटेल से संपर्क कर गुहार लगाई है और उन्हें बेटे का पासपोर्ट नंबर व जरूरी कागजात भी मुहैया करवाए हैं। उन्होंने प्रदेश व केंद्र सरकार से बेटे को सुरक्षित घर पहुंचने की गुहार की है।
बड़े भाई दिक्षित ने बताया कि रिक्षित ने 15 फरवरी तक छुट्टी आने की बात कही थी। लाडले के अपहरण से स्वजन के आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे हैं।

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