शिमला-मटौर फोरलेन पर 25 से 65 रुपये टोल करने पर बढ़ा विवाद, उपभोक्ता फोरम में शिकायत; स्थानीय लोग देंगे धरना
शिमला-मटौर फोरलेन पर घट्टा टोल प्लाजा पर शुल्क 25 से 65 रुपये करने पर विवाद गहरा गया है। स्थानीय लोगों ...और पढ़ें

शिमला मटौर फोरलेन पर घट्टा टोल प्लाजा को लेकर विवाद बढ़ गया है।
HighLights
घट्टा टोल पर शुल्क 25 से बढ़ाकर 65 रुपये किया गया।
स्थानीय लोगों ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज की।
पंचायत प्रतिनिधियों ने टोल प्लाजा बंद करने की मांग की।
जागरण टीम, कांगड़ा। शिमला-मटौर फोरलेन पर घट्टा टोल प्लाजा को लेकर विवाद बढ़ गया है। इसके गलत स्थान पर स्थापित करने और स्थानीय वाहन चालकों से शुल्क वसूली के विरोध में आसपास की पंचायतों के प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। वहीं, यह मामला उपभोक्ता फोरम में भी पहुंच गया है। शुल्क 25 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये करने पर बनखंडी के अधिवक्ता सुनील कुमार, बानुए दा खूह के सन्नी कौंडल, नैहरनपुखर के सुनील राणा व ज्वालामुखी के अतुल चौधरी ने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत की है।
सुनील कुमार ने सुरंग के चालू न होने व फोरलेन के धंसाव पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि फोरलेन का कार्य अधूरा है तो शुल्क बढ़ाने का क्या औचित्य है? फोरलेन की वास्तविक स्थिति और सुविधाओं को ध्यान में रखकर ही शुल्क वसूलना चाहिए। उन्होंने कम दूरी का सफर करने वाले स्थानीय वाहन चालकों से पूरा शुल्क शुल्क वसूलने पर भी आपत्ति जताई। शिकायत में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) व संबंधित अधिकारियों को पक्षकार बनाया है।
शुल्क में राहत दी जाए
शिकायतकर्ताओं ने जिला उपभोक्ता फोरम से स्थानीय वाहन चालकों को राहत दिलाने व पुराना शुल्क बहाल करवाने की मांग की है। जब तक फोरलेन की स्थिति और बताई गई आपत्तियों की जांच नहीं हो जाती तब तक शुल्क में राहत दी जाए।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
शुक्रवार को विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि एसडीएम डा. अंजलि गर्ग से मिले और टोल प्लाजा को बंद करवाने की मांग के समर्थन में उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो टोल प्लाजा में धरना दिया जाएगा।
गलत जगह लगाया टोल
रानीताल पंचायत के प्रधान अभिनव, तकीपुर के प्रधान पवी कुमार, भंगवार की प्रधान इंदू बाला, दौलतपुर की प्रधान सीमा कुमारी, उपप्रधान एसके सोनी व ओबीसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता सौरभ कौंडल ने कहा कि घट्टा टोल प्लाजा गलत स्थान पर स्थापित किया है। इसे यहां से हटाकर रानीताल-ज्वालामुखी मार्ग पर स्थापित किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक वर्ष से यहां गलत तरीके से शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि फोरलेन का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि स्थानीय वाहन चालकों को कुछ किलोमीटर दूर जाने पर बार-बार शुल्क देना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। अभिनव ने बताया कि एसडीएम ने एनएचएआइ के अधिकारियों से बात कर समस्या के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है।
