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'चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन के लिए हिमाचल सरकार दे हिस्सेदारी', जेपी नड्डा ने उठाया मामला; फोरलेन कार्य पकड़ेंगे गति

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 10 Oct 2026 12:25 PM (GMT+05:30)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश में 55,103 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना, रेल कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

बिलासपुर में जेपी नड्डा हिमाचल की केंद्रीय परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए।

बिलासपुर में जेपी नड्डा हिमाचल की केंद्रीय परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए।

HighLights

  1. जेपी नड्डा ने हिमाचल की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की।

  2. चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन के लिए राज्य हिस्सेदारी जारी करने का आग्रह।

  3. फोरलेन कॉरिडोर और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी लाने के निर्देश।

जागरण संवाददाता, बिलासपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को प्रदेश में संचालित 55,103 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, 15,624 करोड़ की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना, रेल कनेक्टिविटी व स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इसमें उन्होंने केंद्रीय परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूरा करने के लक्ष्य निर्धारित किए व उन्हें समय पर पूरा करने को कहा।

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के लिए महत्वपूर्ण चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन (1540 करोड़) को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार से लंबित 231 करोड़ रुपये की देय हिस्सेदारी जल्द जारी करने का आग्रह किया। 1540 करोड़ की चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन निर्माण के लिए दिसंबर 2027 तक लक्ष्य तय किया गया है। इसमें राज्य की 231 करोड़ की देय हिस्सेदारी हस्तांतरण लंबित है। 

ऊना में एक हजार करोड़ के बल्क ड्रग पार्क के त्वरित क्रियान्वयन पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एम्स, चंबा, नाहन व हमीरपुर मेडिकल कालेजों को केंद्र की ओर से 547 करोड़ रुपये, ऊना पीजीआइ सैटेलाइट सेंटर को 495 करोड़ व आइजीएमसी शिमला के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक को 200 करोड़ रुपये देने से दूरदराज के मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। उन्होंने पीएम-अभीम योजना के तहत स्वीकृत क्रिटिकल केयर ब्लाक और एकीकृत स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

किशाऊ परियोजना को मिली गति

नड्डा ने कहा कि टोंस नदी पर हिमाचल व उत्तराखंड की सीमा से जुड़ी ऐतिहासिक किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिलने के बाद गति मिली है। इस परियोजना के कुल वित्तीय भार का 90 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करेगी। इस दौरान सात हजार करोड़ रुपये की रेणुकाजी बांध परियोजना व 1800 करोड़ रुपये की लूहरी स्टेज-1 जलविद्युत परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा की गई।

इन प्रमुख परियोजनाओं पर हुई चर्चा

  • 15,624 करोड़ लागत से बनने वाली किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना के बनने से 97 हजार हेक्टेयर सिंचाई व 1,476 एमयू बिजली उत्पादन होगा। 
  • 13,410 करोड़ की भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेललाइन भानुपल्ली-बिलासपुर खंड का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। 
  • 13,697 करोड़ की पीएम ग्राम सड़क योजना में 26,506 किमी स्वीकृत सड़कों में से 23,601 किमी कार्य पूर्ण हो गया है। 

फोरलेन कॉरिडोर पर तेज होगा काम

  • 12,939 करोड़ की लागत से बन रहा कीरतपुर-मनाली फोरलेन के पंडोह-टकोली खंड मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। मार्ग पर 44 किमी लंबी 31 सुरंगें हैं।
  • 8,950 करोड़ का परवाणू-सोलन-शिमला फोरलेन सोलन-कैथलीघाट खंड सितंबर 2027 व शिमला बाईपास सितंबर 2028 तक पूरा होगा।
  • 10,805 करोड़ से बन रहे पठानकोट-मंडी चरणबद्ध निर्माण कार्य वर्ष 2028-29 तक पूरा होगा।
  • 10,226 करोड़ से बने रहे शिमला-मटौर का निर्माण कार्य वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

चंबा-भरमौर और शिमला-पिंजौर मार्गों पर भी फोकस

नड्डा ने चंबा-भरमौर मार्ग को सुदृढ़ करने तथा शिमला-पिंजौर-नालागढ़ मार्ग के रुके कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कांगड़ा जिले के जसूर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। विधायक रणधीर शर्मा ने जगातखाना और कलर में फुटब्रिज बनाने का आग्रह किया। इसको लेकर भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।