विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

देहरा में भाजपा के प्रदर्शन के दौरान विधायक बिक्रम ठाकुर और पुलिस आमने-सामने, जलता पुतला बुझाने पर विवाद

By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 12 Oct 2026 06:57 PM (IST)

देहरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जेएनयू यौन उत्पीड़न मामले पर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया और राहुल गांधी का पुतला ...और पढ़ें

ढलियारा में भाजपा विधायक और पुलिस आमने-सामने हो गए।

ढलियारा में भाजपा विधायक और पुलिस आमने-सामने हो गए।

HighLights

  1. देहरा में भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन।

  2. राहुल गांधी का पुतला जलाने पर हुआ विवाद।

  3. विधायक बिक्रम ठाकुर और पुलिस में बहस।

संवाद सहयोगी, देहरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में भाजपा के प्रदर्शन के दौरान ढलियारा में विवाद हो गया। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 11 छात्राओं से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका। पुतले में आग लगते ही उसे बुझाने पहुंची पुलिस और पूर्व मंत्री एवं जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।

पीएम का पुतला जलाने पर क्यों शांत होती है पुलिस

बिक्रम ठाकुर ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब प्रदेश में प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन होते हैं और उनके पुतले जलाए जाते हैं, तब पुलिस कहां होती है? घटनाक्रम का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें पुलिस अधिकारी वाहनों की सुरक्षा के लिए आग बुझाने की बात कहता दिखाई दे रहा है।

बाजार में निकाली रैली

इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढलियारा बाजार में रैली निकालकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला सम्मान की बात तो करती है, लेकिन जेएनयू प्रकरण में अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उसका रुख स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से संबंधित सांसद के मामले में जवाबदेही तय करने और पार्टी स्तर पर उठाए गए कदमों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।

शिक्षा के मंदिर में भी बेटियां सुरक्षित नहीं

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यदि शिक्षा के मंदिर में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर वे कहां सुरक्षित रहेंगी? माता-पिता अपनी बेटियों को बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ शिक्षण संस्थानों में भेजते हैं। ऐसे में छात्राओं से जुड़े यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने राजनीतिक हितों के कारण मामले में कठोर रुख अपनाने से बच रही है। ठाकुर ने कहा कि महिला सम्मान पर भाषण देना आसान है, लेकिन अपने राजनीतिक खेमे से जुड़े व्यक्ति के मामले में भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। किसी को भी राजनीतिक पद या प्रभाव के आधार पर कानून और जवाबदेही से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के निष्कर्षों के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों में बेटियों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। महिलाओं की सुरक्षा किसी दल विशेष का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रदर्शन में ये हुए शामिल

प्रदर्शन में देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह, पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह, जिला भाजपा प्रभारी राजेश ठाकुर, जिला अध्यक्ष अजय खट्टा, सुशील कालिया, नीलम और सुनीता कुमारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें: CM सुक्खू सहित हिमाचल के 2000 कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट मार्च में जुटेंगे; ये मंत्री भी शामिल