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'अगला दलाई लामा स्वतंत्र विश्व में ही जन्मेगा', निर्वासित तिब्बती PM पेंपा सेरिंग ने चीन पर साधा निशाना

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:09 AM (IST)

पेंपा सेरिंग ने स्पष्ट किया कि दलाई लामा के पुनर्जन्म का निर्णय केवल दलाई लामा और गादेन फोडरंग ट्रस्ट का है, चीन का हस्तक्षेप एक राजनीतिक चाल है।

दलाई लामा फाइल फोटो

दलाई लामा फाइल फोटो

HighLights

  1. दलाई लामा का पुनर्जन्म उनका और ट्रस्ट का अधिकार

  2. चीन का हस्तक्षेप राजनीतिक हथकंडा, स्वतंत्र विश्व में अगला दलाई लामा

  3. अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तिब्बत के मानवाधिकारों पर ध्यान देने का आह्वान

जागरण संवाददाता, धर्मशाला। निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने कहा कि दलाई लामा के पुनर्जन्म का निर्णय केवल दलाई लामा और गादेन फोडरंग ट्रस्ट के अधिकार क्षेत्र में है। चीन की ओर से उत्तराधिकारी नियुक्त करने के प्रयास को उन्होंने राजनीतिक हथकंडा बताया और कहा कि अगले दलाई लामा का जन्म स्वतंत्र विश्व में होगा।

जातीय एकता और प्रगति के नाम पर लागू कानून तिब्बतियों की सांस्कृतिक पहचान कमजोर कर रहे हैं। पेंपा सेरिंग ने चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में फोरम 2000 सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। अंतिम दिन उन्होंने प्रमुख चेक मीडिया संस्थानों से बातचीत में तिब्बत में मानवाधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और चीन की नीतियों का मुद्दा उठाया।

दलाई लामा और वाक्लाव हावेल के नैतिक संबंधों का किया जिक्र

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तिब्बत की स्थिति पर ध्यान देने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। चेक टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में पेंपा सेरिंग ने चेक गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति वाक्लाव हावेल और दलाई लामा के गहरे नैतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने तिब्बत के प्रति चेक नेतृत्व और जनता के निरंतर समर्थन के लिए आभार जताया।

उन्होंने चीन के दमनकारी रवैये को उसकी वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का संकेत बताते हुए लोकतांत्रिक देशों से आर्थिक दबाव का मिलकर मुकाबला करने की अपील की। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर निरंकुश शासन व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने तिब्बत के पर्यावरण के दोहन और निगरानी तकनीक के प्रसार पर चिंता जताई। व्यापार असंतुलन सहित मुद्दों पर ध्यान देने और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए विश्व नेताओं से एकजुट होने का आग्रह किया।

प्राग के कार्यक्रमों के बाद बर्लिन रवाना होते समय उन्होंने चेक राष्ट्रपति के ग्रीष्मकालीन निवास लानी शातो का दौरा किया। पूर्व राष्ट्रपति हावेल के निजी सचिव रहे अलेक्जेंडर न्यूमैन ने उन्हें निवास दिखाया। हावेल की इस वर्ष 90वीं जयंती के अवसर पर दोनों ने हावेल और दलाई लामा की मित्रता से जुड़ी यादें साझा कीं। बर्लिन पहुंचने पर जर्मनी में रह रहे तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

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