हरियाणा के सरकारी स्कूल का माली बच्चों को पढ़ा रहा केमिस्ट्री, छात्र बोले- तरुण सर हर कठिन टॉपिक समझा देते हैं
यमुनानगर के व्यासपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में माली तरुण इंदौरा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को केमिस्ट्री पढ़ा रहे हैं।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाते तरुण। - जागरण
HighLights
माली तरुण इंदौरा 11वीं-12वीं के छात्रों को केमिस्ट्री पढ़ा रहे।
लेक्चरर के डेपुटेशन पर जाने के बाद संभाली जिम्मेदारी।
दो बार नेट उत्तीर्ण तरुण कठिन विषय सरल बनाते हैं।
राहुल शर्मा, यमुनानगर। सुबह हाथों में पानी का पाइप और पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी। कुछ देर बाद वही हाथ ब्लैकबोर्ड पर केमिस्ट्री के फॉर्मूले लिखते हैं। पद भले ही माली का हो, पर पढ़ाने का जुनून और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए केमिस्ट्री पढ़ा रहे हैं।
व्यासपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में माली के पद पर तैनात तरुण इंदौरा 11वीं और 12वीं के 36 विद्यार्थियों को केमिस्ट्री पढ़ा रहे हैं। अपने मूल पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए दोहरी भूमिका निभा रहे हैं।
स्कूल में साइंस स्ट्रीम शुरू होने के बाद केमिस्ट्री लेक्चरर की नियुक्ति हुई थी। बाद में उन्हें पंचकूला के एक स्कूल में डेपुटेशन पर भेज दिया गया। लेक्चरर के जाने के बाद विद्यार्थियों के सामने केमिस्ट्री की पढ़ाई का संकट खड़ा हो गया।
12वीं के बच्चों को पढ़ा रहे तरुण
11वीं की परीक्षा तो विद्यार्थियों ने किसी तरह पास कर ली, लेकिन 12वीं की बोर्ड परीक्षा सामने थी। जुलाई 2026 में प्रिंसिपल मीना कुमारी ने स्कूल के उपलब्ध स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता व क्षमताओं का आकलन किया।
इसी दौरान तरुण की योग्यता सामने आई। पढ़ाने के उनके जुनून को देखते हुए प्रिंसिपल ने उन्हें विद्यार्थियों की मदद के लिए प्रेरित किया। इसके बाद तरुण ने कक्षा संभाल ली।
तरुण दो बार नेट उत्तीर्ण कर चुके
तरुण दो बार यूजीसी नेट उत्तीर्ण कर चुके हैं। उन्होंने एमए, बीएड, सीटीईटी व एचटीईटी टीजीटी भी किया है। उन्हें शुरू से ही पढ़ाने का शौक रहा है। 12वीं के बाद ही आसपास के बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया था। आरएस बाल मंदिर इसराना में भी कई वर्षों तक शिक्षण कार्य किया।
सितंबर परीक्षा को ध्यान में रखते हुए वह 20 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा करा चुके हैं। उनका लक्ष्य वार्षिक परीक्षा से पहले सिलेबस पूरा करने के साथ रिवीजन कराना भी है।
तरुण ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई शिक्षक की कमी से प्रभावित न हो, यही उनका प्रयास है। आइपीएस व प्राध्यापक बनने के सपनों में अपना योगदान देना ही उनके लिए सबसे बड़ा संतोष है।
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कठिन टॉपिक भी लगने लगे आसान
कक्षा 12 की छात्रा काजल ने बताया कि तरुण सर केमिस्ट्री के कठिन टॉपिक को भी आसान तरीके से समझाते हैं। उनकी कक्षा में विषय समझने के साथ सवाल पूछने में भी झिझक नहीं होती। छात्रा सोनिया ने बताया कि हर टापिक को उदाहरण के साथ समझाते हैं और तब तक समझाते हैं, जब तक बात स्पष्ट न हो जाए।
ट्रायल में दिखी पढ़ाने की पकड़, बच्चों ने भी दिया अच्छा फीडबैक प्रिंसिपल मीना ने बताया कि केमिस्ट्री शिक्षक के डेपुटेशन पर जाने के बाद जब तरुण की शैक्षणिक योग्यता का पता चला तो उन्हें ट्रायल के तौर पर कक्षा में पढ़ाने का मौका दिया।
इसमें तरुण ने केमिस्ट्री के हर विषय को विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से समझाया और पढ़ाया। विद्यार्थियों से भी उनके पढ़ाने को लेकर सकारात्मक फीडबैक मिला।
ट्रायल में दिखी पढ़ाने की पकड़, बच्चों ने भी दिया अच्छा फीडबैक
प्रिंसिपल मीना ने बताया कि केमिस्ट्री शिक्षक के डेपुटेशन पर जाने के बाद जब तरुण की शैक्षणिक योग्यता का पता चला तो उन्हें ट्रायल के तौर पर कक्षा में पढ़ाने का मौका दिया। इसमें तरुण ने केमिस्ट्री के हर विषय को विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से समझाया और पढ़ाया। विद्यार्थियों से भी उनके पढ़ाने को लेकर सकारात्मक फीडबैक मिला।
