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सोनीपत के बेटों का एशियन गेम्स में जलवा, अभिषेक नैन और सुमित के दम पर भारतीय हॉकी टीम ने जीता गोल्ड

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:28 AM (IST)

भारतीय हॉकी टीम ने एशियाई खेलों के फाइनल में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता, जिसमें सोनीपत के अभिषेक नैन और सुमित कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया।

फाइनल मुकाबले को देखते सुमित कुमार के कोच नरेंद्र कुमार गौतम। सौ. कोच

फाइनल मुकाबले को देखते सुमित कुमार के कोच नरेंद्र कुमार गौतम। सौ. कोच

HighLights

  1. भारतीय हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता।

  2. अभिषेक नैन ने आक्रामक खेल से गोलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

  3. सुमित कुमार ने रक्षा पंक्ति में मजबूत प्रदर्शन कर टीम को जिताया।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। भारतीय हॉकी टीम ने एशियाई खेलों के फाइनल मुकाबले में ऐतिहासिक और स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित कर दिया। इस महामुकाबले में भारत के खिलाड़ियों ने अपने आक्रामक और रणनीति से भरे खेल से विरोधी टीम को पस्त कर दिया।

मैदान पर भारत का दबदबा साफ नजर आया, जहां अग्रिम पंक्ति से लेकर रक्षा पंक्ति तक हर खिलाड़ी ने देश को स्वर्ण पदक दिलाने में अपना सब कुछ झोंक दिया। इस शानदार खिताबी जीत में सोनीपत के होनहार बेटों अभिषेक नैन व सुमित कुमार ने अपने अद्भुत खेल से स्वर्णिम चमक बिखेरी और जीत के नायक बनकर उभरे।

अभिषेक नैन की निर्णायक भूमिका

भारतीय टीम की इस धमाकेदार जीत के मुख्य सूत्रधार स्टार फारवर्ड खिलाड़ी अभिषेक रहे। अभिषेक ने विपक्षी टीम के रक्षा चक्र को ध्वस्त करते हुए मैदान पर चारों तरफ से ताबड़तोड़ हमले बोले। मैच में भारत द्वारा दागे गए पांच में से तीन गोलों में अभिषेक ने बेहद निर्णायक भूमिका निभाई।

उन्होंने मैच के पहले, चौथे और पांचवें गोल में अपनी बेहतरीन सूझबूझ का परिचय देते हुए साथी खिलाड़ियों को सटीक पास दिए, जिस पर गोल दागकर भारतीय टीम ने मजबूत बढ़त हासिल की।

Hockey

अपनी तेज तर्रार ड्रिबलिंग और आक्रामक शैली से उन्होंने कई पेनल्टी कार्नर भी हासिल किए। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनका फार्म शानदार रहा और वे इस एशियन गेम्स में सबसे अधिक फील्ड गोल करने वाले दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पर शामिल रहे।

डिफेंस में सुमित का जलवा

अनुभवी खिलाड़ी सुमित ने रक्षा पंक्ति (डिफेंस) में चट्टान की तरह डटे रहकर अपने अनुभव का लोहा मनवाया। उन्होंने विपक्षी टीम के हमलों को न केवल समय रहते नाकाम किया, बल्कि मैदान के मध्य भाग से गेंद को नियंत्रित कर टीम को लगातार आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

इंडिया को गोल्ड मिलते ही झूमे स्वजन

सभी खिलाड़ियों की सूझबूझ से भारत की स्वर्ण पदक पर जीत पक्की हुई, पूरा इलाका जश्न के माहौल में डूब गया। औद्योगिक क्षेत्र स्थित हाकी मैदान पर इस एशियन गेम्स के खिताबी मुकाबले का सीधा प्रसारण देखने के लिए विशेष रूप से बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। द्रोणाचार्य अवार्डी कोच प्रीतम सिवाच ने युवा खिलाड़ियों के साथ बैठकर यह रोमांचक मैच देखा। 

टीवी पर देखे लाडले के जादूई मूव

अभिषेक के घर पर भी उत्सव जैसा माहौल रहा। उनके पिता सतनारायण और मां सूरत देवी ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बैठकर टीवी पर बेटे के हर जादुई मूव को देखा। भारत को गोल्ड मेडल मिलते ही स्वजन खुशी से झूम उठे और नाचने हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया। 

गोल्ड मिलते ही कोच बोले-टीम इंडिया सबसे बेहतर

भारतीय टीम के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन और स्वर्ण पदक जीतने पर खिलाड़ियों के कोचों ने खुशी जाहिर करते हुए खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की। अभिषेक के कोच मास्टर शमशेर दहिया ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अभिषेक मौजूदा समय में भारतीय हाकी टीम के फारवर्ड लाइन के सबसे बेहतरीन और खतरनाक खिलाड़ी हैं। 

वहीं, स्टार डिफेंडर सुमित के कोच नरेंद्र कुमार गौतम ने टीम की एकजुटता पर बात करते हुए कहा कि टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में दुनिया की सबसे बेहतर टीम की तरह खेल दिखाया है। सुमित का डिफेंस में योगदान और उनका अनुभव टीम के लिए हमेशा एक्स-फैक्टर साबित होता है। हमारी पूरी टीम बधाई की हकदार है, जिसने देश को यह स्वर्णिम पल दिया है।

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