कुंडी लगाकर दी जा रही थी बिजली, गोहाना करंट हादसे में खुलासा; जांच के बाद JE समेत 3 और अफसर सस्पेंड
मुंडलाना में हुए करंट हादसे की तकनीकी जांच में बिजली आपूर्ति में गंभीर अनियमितता सामने आई है, जिसमें अवैध कुंडी ...और पढ़ें

जेई समेत तीन अफसर सस्पेंड। फोटो: सांकेतिक
HighLights
मुंडलाना हादसे में अवैध कुंडी कनेक्शन से करंट फैला
कृषि फीडर में घरेलू लाइन से बिजली पहुंचने पर हादसा
जेई, एएफएम, लाइनमैन सहित तीन और कर्मचारी निलंबित
जागरण संवाददाता, गोहाना। गांव मुंडलाना में 27 अगस्त को हुए करंट हादसे में तकनीकी जांच में बिजली आपूर्ति में गंभीर अनियमितता सामने आई है। कृषि फीडर की लाइन के ऊपर से घरेलू फीडर की लाइन गुजर रही थी।
घरेलू फीडर की लाइन में अवैध तार लगाकर उनको नीचे उतारा गया था। कृषि फीडर की सप्लाई बंद होने पर अवैध तारों में कुंडी लगाकर घरेलू फीडर से बिजली चालू कर ली जाती थी। इसी अवैध व्यवस्था से कृषि फीडर की लाइन में करंट पहुंचने से हादसा होने की बात सामने आई है।
बिजली निगम की मीटरिंग एंड प्रोटेक्शन (एमएंडपी) टीम ने हादसे के बाद तकनीकी जांच के दौरान महमूदपुर स्थित बिजलीघर और आसपास के कनेक्शनों की जांच की।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब निगम अधिकारियों ने जेई ललित, एएफएम मनोज और लाइनमैन नवदीप को निलंबित कर दिया है। घटना के दिन ही शुरूआती लापरवाही में लाइनमैन मोहित और बिजलीघर के एसए रामफल को निलंबित किया जा चुका है।
परमिट के बावजूद पहुंचा था करंट
हादसे के दिन कृषि फीडर की लाइन पर काम करने के लिए परमिट लिया गया था। इसके बावजूद लाइन में करंट पहुंच गया। 27 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे गांव सिवानका निवासी 19 वर्षीय अप्रेंटिस कर्मी सौरभ और मुंडलाना निवासी 38 वर्षीय किसान जोगेंद्र करंट की चपेट में आ गए थे।
दोनों की मौके पर मौत हो गई थी। निगम की जांच अब इस बिंदु पर केंद्रित रही कि परमिट के बाद बंद की गई लाइन में दूसरी तरफ से बिजली कैसे पहुंची।
निर्धारित समय से पहले कैसे आया था करंट
मुंडलाना में ट्यूबवेल कनेक्शनों के लिए निर्धारित शेड्यूल के अनुसार रोजाना सुबह 10:45 बजे बिजली सप्लाई शुरू होती है, जबकि हादसा करीब 9:30 बजे हुआ। ऐसे में निर्धारित समय से पहले लाइन में करंट पहुंचने का कारण भी जांच का अहम बिंदु बना।
एमएंडपी टीम ने बिजलीघर की मीटरिंग व्यवस्था, आसपास के कनेक्शनों और दूसरी लाइनों से करंट पहुंचने की संभावना पर जांच की। शुरुआत में मृतक किसान के स्वजन की शिकायत पर सदर थाना में एसडीओ, जेई और लाइनमैन के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था। अब तकनीकी जांच में तीन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
