स्कंदमाता की पूजा के साथ मंदिरों में गूंजे जयकारे, 17 अक्टूबर से सजेगा चिटाने वाली माता का भव्य मेला
सोनीपत में नवरात्र के पांचवें दिन भक्तों ने स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। 16 अक्टूबर को कढ़ाई और 17 अक्टूबर को रामलीला मैदान में विशाल मेले का आयोजन होगा।

शुक्रवार को षष्ठी पर माता रानी की कढ़ाई
HighLights
सोनीपत में नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा।
प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भीड़, गूंजे माता के जयकारे।
17 अक्टूबर को रामलीला मैदान में विशाल मेले का आयोजन।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। नवरात्र उत्सव के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार और समाज में शांति, सुख एवं समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही शहर के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रमुख मंदिरों में माता रानी के जयकारों की गूंज गूंजती रही और दिनभर भक्तों का आना-जाना लगा रहा।
भक्तों ने किया दुर्गा सप्तशती और चालीसा का पाठ
बड़ा बाजार स्थित सिद्धपीठ चिटाने वाली माता मंदिर, कामी रोड स्थित सिद्धपीठ श्री चंडी मां महाकाली प्राचीन मंदिर, सेक्टर-14 स्थित श्री चिंतपूर्णी मंदिर, सिद्धपीठ बाबा धाम मंदिर और माडल टाउन स्थित नवदुर्गा माता मंदिर समेत सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह से ही दर्शन के लिए खोल दिए गए थे। कई स्थानों पर भक्तों ने दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ किया। महिला संकीर्तन मंडलियों ने भजन-कीर्तन कर मां का गुणगान किया।
पंडित अमित शौनक ने बताया कि भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण देवी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता कहा जाता है। यह कमल के आसन पर विराजमान हैं, इसलिए इन्हें पद्मासन देवी भी पुकारा जाता है। इनकी साधना से साधक को आरोग्य, बुद्धिमता और ज्ञान की प्राप्ति होती है। वहीं, शुक्रवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी, जिनकी आराधना से गृहस्थ जीवन सुखमय बनता है।
16 को कढ़ाई और 17 अक्टूबर को सजेगा मेला
चिटाने वाली माता के प्रति सदियों से गहरी आस्था चली आ रही है। हलवाई हट्टा स्थित श्रीदेवी चिटाने वाली माता मंदिर और गांव चिटाना स्थित सिद्धपीठ मंदिर में षष्ठी तिथि को माता रानी की कढ़ाई की जाएगी। इसके अगले दिन, सप्तमी तिथि (17 अक्टूबर) को कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में सुबह 5 बजे से भव्य मेले का शुभारंभ होगा।
माता रानी मंदिर से प्रस्थान कर मेला स्थल पर विराजमान होंगी। मेले में सोनीपत के अलावा दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मेला स्थल पर रात 9:30 बजे माता रानी की महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे माता रानी रथ पर सवार होकर फिर अपने मूल मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी, जहां महाआरती के साथ उन्हें उनके स्थान पर दोबारा विराजित किया जाएगा।
