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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोनीपत में नियमों को ताख पर रखकर मोड़ दी यमुना नदी की धारा, अब जांच के लिए बनाई गई कमेटी

Published: Sat, 24 May 2025 08:30 PM (IST)

सोनीपत के असदपुर गांव में एक खनन कंपनी ने नियमों का उल्लंघन कर यमुना नदी की धारा मोड़ दी। कंपनी ...और पढ़ें

नियमों को ताख पर रख मोड़ी यमुना की धारा।
नियमों को ताख पर रख मोड़ी यमुना की धारा।

HighLights

  1. गांव असदपुर के पास खनन कंपनी ने उड़ाई नियमों की धज्जियां
  2. सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कमेटी ने किया निरीक्षण
  3. एसई, एक्सईएन व एसडीओ ने निरीक्षण के बाद जांच रिपोर्ट सौंपी
  4. जिला उपायुक्त ने कमेटी बनाकर मामले में जांच का आदेश दिया

जागरण संवाददाता, सोनीपत: गांव असदपुर के पास यमुना में खनन कर रही लाइसेंसशुदा कंपनी ने खनन नियमों को ताख पर रखकर यमुना की धारा को ही मोड़ दिया।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कमेटी ने कंपनी की खनन साइट का निरीक्षण किया तो इसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं। कंपनी भारी मशीनरी से यमुना नदी के अंदर रेत खनन कर रही थी।

रेत के बड़े टीलें बना देने से मुड़ गई यमुना नदी की धारा

रेत के बड़े टीले बना देने के कारण नदी की धारा ही मुड़ गई। कई अवैध रास्ते बनाए गए थे। वहीं, डीसी ने तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

गांव असदपुर के पास यमुना में रेत खनन के लिए मैसर्ज जेलकोवा बिल्डकाॅन प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस जारी किया गया है।

सिंचाई विभाग के एसई आरके बोडवाल, एक्सईएन आशीष कौशिक, गुलशन कुमार और एसडीओ हिमांशु की कमेटी ने 22 मई को गांव असदपुर में कंपनी की खनन साइट का जायजा लिया।

एनजीटी के आदेश के अनुसार भारी मशीनरी के इस्तेमाल है रोक

अधिकरियों की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी रेत खनन में नियमों की भारी अनदेखी कर रही है। वहां पर भारी मशीनरी के जरिये रेत खनन किया जा रहा है, जबकि एनजीटी के आदेशों के अनुसार भारी मशीनरी का इस्तेमाल प्रतिबंधित होता है।

मशीनों के जरिये यमुना के जल में से रेत निकालकर बड़े-बड़े टीले लगाए गए थे, इससे यमुना की धारा मोड़ दी गई थी। कई अवैध रास्ते बनाए गए थे। यह सब खनन नियमों और एनजीटी के दिशा-निर्देशों की अवहेलना है।

कमेटी ने जिला उपायुक्त, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी। वहीं वाटर सर्विसेज के सोनीपत के एसडीओ ने कंपनी को पत्र लिखकर खनन बंद करने के आदेश दिए हैं।

तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर सौंपी गई जांच

जिला उपायुक्त डाॅ. मनोज कुमार ने सिंचाई विभाग की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर जांच सौँप दी है।

कमेटी में सोनीपत के एसडीएम, जिला खनन अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी शामिल है। कमेटी साइट पर जाकर जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

हमारी कंपनी को 10 साल के लिए यमुना में खनन का लाइसेंस मिला है। नौ साल से यहां पर खनन कर रहे हैं। खनन नियमों और एनजीटी के निर्देशों का पूरी तरह ये पालन किया जा रहा है। खनन विभाग के अधिकारी भी समय-समय पर साइट का दौरा कर जायजा लेते हैं। अब अंतिम एक साल बचा है, अब सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारी तंग कर रहे हैं।

- संदीप चहल, मैनेजर, मैसर्ज जेलकोवा बिल्डकाॅन प्राइवेट लिमिटेड

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