बोस्टल जेल से रखी गई थी 'भाऊ गैंग' की नींव, हिमांशु ने NCR में फैलाया रंगदारी का बड़ा नेटवर्क; पढ़ें Inside Story
भाऊ गैंग, जिसकी जड़ें हिसार की बोस्टल जेल में हैं, दिल्ली-NCR में रंगदारी का बड़ा नेटवर्क स्थापित कर रही है। ...और पढ़ें
-1792818866018_m.webp)
कुख्यात हिमांशु भाऊ का फाइल फोटो। AI जनरेटेड इमेज
HighLights
भाऊ गैंग की शुरुआत हिसार की बोस्टल जेल से हुई।
दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी और दहशत फैलाने में सक्रिय है।
कई गैंगों से गठजोड़ कर आपराधिक वर्चस्व बढ़ा रही है।
दीपक गिजवाल, सोनीपत। अमेरिका में पकड़े गए हिमांशु भाऊ गैंग से ताल्लुक रखता है, वो पिछले कुछ समय से दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। गैंग फायरिंग कर दहशत फैलाती है और बड़े हत्याकांड की बेधड़क जिम्मेदारी भी लेती है।
क्षेत्र में वर्चस्व कायम करने के लिए पहले से सक्रिय गैंग्स के साथ भी हाथ मिलाया है। बदले में उनके विरोधियों को ठिकाने लगाकर विश्वास भी जीता है।
भाऊ गैंग ने ताकत बढ़ाने के लिए दक्षिण हरियाणा में कौशल और नीरज फरीदपुरिया, सोनीपत में कुल्लू बुसानिया, झज्जर में रोहित छपार और हिसार में साजिद खान से गठजोड़ किया था।
वहीं, रंगदारी के धंधे में बाधा बन रहे लॉरेंस गैंग से निपटने के लिए उसके विरोधी पंजाब के बंबीहा गैंग से नजदीकी बढ़ाई है। पुलिस ने भाऊ गैंग के सरगना साहिल के बुआ के लड़के राहुल को गिरफ्तार किया है। गैंग के पैसे का प्रबंधन करता था।
जेल स्टाफ पर हमला कर फरार हो गए
दिल्ली-एनसीआर में वर्चस्व कायम करने में जुटी भाऊ गैंग हिसार की बोस्टल जेल में खड़ी की गईं थी। नाबालिगों को एकत्रित कर बनाई गई गैंग ने 12 अक्टूबर, 2020 को बोस्टल जेल में ब्रेककांड को अंजाम दिया था, जिसमें हिमांशु सहित 16 कैदी जेल स्टाफ पर हमला कर फरार हो गए थे।
बोस्टल जेल से भागे ये बाल कैदी अब कुख्यात अपराधी बन चुके हैं, जो लगातार एनसीआर में रंगदारी के लिए वारदात कर रहे हैं। बोस्टल जेल से भागे 17 बाल बंदियों की क्राइम हिस्ट्री बेहद खतरनाक है। इन 17 बंदियों में से 8 बंदी हत्या, दुष्कर्म और लूट जैसी वारदात कर चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, 17 में से 3 को जेल ब्रेककांड के बाद पकड़ लिया गया था। अब जो फरार है, वहीं भाऊ और अन्य सहयोगी गैंग्स के साथ जुड़कर रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करने में जुटे थे। हिमांशु भाऊ इनका टारगेट फिक्स कर देता था। इसके बाद धमकी दी जाती थी, रंगदारी न मिलने पर फायरिंग कर दहशत फैलाई जाती है। इस पैर्टन पर गैंग लगातार वारदात कर रही थी।
बाप और रिश्तेदार संभाल रहे गैंग
गोहाना में मातूराम हलवाई की दुकान पर फायरिंग कर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के बाद हरकत में आई पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर गैंग से जुड़े लोगों की धरपकड़ शुरू की। एसटीएफ सोनीपत की टीम ने विदेश में बैठे साहिल उर्फ भाऊ रिटौली के पिता कैलाशचंद्र को गिरफ्तार किया तो पता चला कि गैंग के सरगना विदेश में बैठे है। जबकि उनके पिता और रिश्तेदार यहां उनके अपराध का साम्राज्य संभाल रहे हैं।
वहीं, बाद में पुलिस ने गैंग सरगना हिमांशु उर्फ भाऊ के राइट हैंड साहिल के पिता को भी गिरफ्तार किया था। अब पुलिस ने दोनों की बुआ के बेटे रोहतक के गांव गुढाण के रहने वाले राहुल को गिरफ्तार किया है, जो कि कॉलेज छात्र है।
पुलिस के अनुसार, उसने कबूल किया है कि वह अपने साथी जिला झज्जर के गांव चिलयान के यश उर्फ पांडु उनके पैसे का प्रबंधन करता है। वह अपराधिक गतिविधियों के संचालक के लिए रुपये वितरित करता है।
ताकत बढ़ाने को कई गैंग से मिलाया है हाथ
एनसीआर में वर्चस्व कायम करने के लिए भाऊ गैंग ने दक्षिणी हरियाणा में कौशल और नीरज फरीदपुरिया से हाथ मिलाया है। फरीदपुरिया का चचेरा भाई सौरव भी इस मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
वहीं, झज्जर में रोहित छपार गैंग की कमान संभाल रहा था, हालांकि मातूराम हलवाई की दुकान पर फायरिंग के बाद वह गिरफ्तार हो चुका है।
वहीं, सोनीपत में गैंग ने कल्लू बुसानिया के साथ हाथ मिलाया था। जिसके लिए गैंग ने शराब कारोबारी सुंदर हत्याकांड को भी अंजाम दिया था, जबकि हिसार के साजिद खान के साथ मिलकर गैंग काम कर रही थी।
लोरेंस गैंग से निपटने को बंबीहा गैंग से गठजोड़
दिल्ली एनसीआर में रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करने में आड़े आ रही लॉरेंस गैंग से निपटने के लिए भाऊ गैंग ने उसकी विरोधी पंजाब की बंबीहा गैंग से गठजोड़ किया है। आपराधिक गलियारों में चर्चा है कि भाऊ का साथी नीरज फरीदपुरिया इस समय पंजाब की बंबीहा और हरियाणा-दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर कौशल गिरोह का मास्टरमाइंड बना हुआ है।
वहीं, इस गिरोह की कमान संभाल रहा है। फरीदाबाद में 26 जून 2019 को कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या का सूत्रधार भी नीरज ही था। वह जमानत पर जेल से बाहर आया, तभी से फरार था।
गैंगस्टर फरीदपुरिया के चचेरे भाई की भी गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि नीरज फरीदपुरिया पर एनआइए ने एक लाख और हरियाणा पुलिस ने 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया हुआ है।
यह भी पढ़ें- अमेरिका में गिरफ्तार हुए हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की क्राइम कुंडली, विदेश से कैसे चला रहे थे रंगदारी रैकेट
