शुगर मिलों में लगेंगे एथेनॉल प्लांट और बनेंगे वेयरहाउस, गन्ना पेराई सत्र से पहले समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने सहकारी चीनी मिलों की समीक्षा बैठक की, जिसमें एथेनाल प्लांट लगाने और खाली जमीन ...और पढ़ें

सहकारी चीनी मिलों में एथेॉल प्लांट लगाने की प्रक्रिया होगी तेज (सांकेतिक तस्वीर)
संवाद सहयोगी, सोनीपत (राई)। एथनिक इंडिया पर्यटन केंद्र में बुधवार को शुगरफेड और प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशकों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने शुगर मिलों की खाली जमीन पर वेयरहाउस बनाए जाने और एथेनॉल प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज किए जाने की बात कही।
सहकारी चीनी मिलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा
प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि और सहकारी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
शुगर मिलों की खाली पड़ी जमीन का सदुपयोग करते हुए वहां वेयरहाउस बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही चीनी मिलों में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, ताकि मिलों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली चीनी मिलों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लगातार घाटे में चल रही मिलों की जवाबदेही तय की जाएगी।
गन्ना पेराई सत्र की तैयारी
बैठक में आगामी गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों, चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति, तकनीकी व्यवस्थाओं, उत्पादन क्षमता और किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान सभी शुगर मिलों के प्रबंध निदेशकों ने अपनी-अपनी मिलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि लगातार घाटे में चल रही मिलों की स्थिति की समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी प्रबंध निदेशकों को मिलों की आर्थिक स्थिति सुधारने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।
