सोनीपत में नगर परिषद 2027 चुनाव से पहले गोहाना का बदलेगा नक्शा, नए वार्ड बनेंगे; बदल जाएंगी कई सीमाएं
गोहाना नगर परिषद में 2027 के चुनाव से पहले नई वार्डबंदी होगी, जिसमें वार्डों की संख्या 23 से बढ़कर 25 ...और पढ़ें

परिषद और शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारी मई 2027 से पहले वार्डों की संख्या बढ़ाने और सीमाएं बदलने का काम पूरा करेंगे। एआई इमेज
HighLights
2027 चुनाव से पहले गोहाना में होगी नई वार्डबंदी।
वर्तमान 23 वार्ड बढ़कर 25 हो सकते हैं, आबादी बढ़ी।
फेमिली आईडी से तय होंगी वार्डों की नई सीमाएं।
जागरण संवाददाता, गोहाना (सोनीपत)। नगर परिषद गोहाना के अगले चुनाव से पहले शहर की वार्डबंदी नए सिरे से होगी। वर्तमान में नगर परिषद में 23 वार्ड हैं लेकिन शहर की बढ़ी आबादी को देखते हुए इस बार वार्डों की संख्या बढ़कर 25 सकती है। वार्डबंदी की प्रक्रिया चुनाव से पहले पूरी की जाएगी। परिषद और शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारी मई 2027 से पहले यह काम पूरा करेंगे।
बदल सकती हैं वार्डों की सीमाएं
वार्डबंदी को लेकर सरकार की तरफ से दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। रजनी विरमानी जून 2022 में नगर परिषद की अध्यक्ष बनी थीं और उनका कार्यकाल जून 2027 में पूरा होगा। अगले चुनाव से पहले नई वार्डबंदी कराई जाएगी, जिससे वार्डों की संख्या बढ़ने के साथ ही कई वार्डों की सीमाएं भी बदल सकती हैं।
फेमिली आईडी के रिकाॅर्ड के अनुसार वार्डाें का होगा गठन
नई वार्डबंदी में वार्डों की जनसंख्या का संतुलन बनाने के लिए फेमिली आईडी के आंकड़ों का सहारा किया जाएगा। इसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस क्षेत्र को किस वार्ड में शामिल किया जाए और वार्ड की सीमा कहां तक रहे।
शुरुआत में अधिकारियों द्वारा वार्डों का नक्शा और प्रस्तावित सीमाएं तैयार की जाएंगी। इसके बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद शहरवासियों को अपने क्षेत्र की सीमा, वार्ड में शामिल किए गए मोहल्ले या आबादी को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा। यह प्रक्रिया 2027 के शुरूआत में शुरू हो सकती है।
65 हजार आबादी पर बने थे 23 वार्ड, अब 75 हजार से ज्यादा
गोहाना में पिछली बार वर्ष 2014-15 में वार्डबंदी हुई थी। उस समय शहर की आबादी करीब 65 हजार मानते हुए वार्डों की संख्या 21 से बढ़ाकर 23 की गई थी। अब शहर की आबादी 75 हजार से अधिक मानी जा रही है।
ऐसे में जनसंख्या के आधार पर इस बार भी वार्डों की संख्या बढ़ेगी। नियमों के अनुसार 70 हजार से अधिक और 80 हजार तक की आबादी होने पर अधिकतम 26 वार्ड बनाए जा सकते हैं।
इसलिए अंतिम संख्या वास्तविक आबादी और सरकार की तरफ से तय होने वाली वार्डबंदी के आधार पर ही स्पष्ट होगी। प्रारंभिक वार्डबंदी सार्वजनिक होने के बाद लोग यह देख सकेंगे कि उनका घर, गली या मोहल्ला किस वार्ड में रखा गया है।
एससी और पिछड़ा वर्ग के लिए भी होंगे आरक्षित वार्ड
नई वार्डबंदी के बाद वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया भी होगी। अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के लिए उन वार्डों को आरक्षित किया जा सकता है, जहां संबंधित वर्ग की आबादी अधिक होगी। नई वार्डबंदी में वर्तमान वार्डों का क्षेत्र कम या ज्यादा हो सकता है। कुछ मोहल्ले दूसरे वार्ड में शामिल किए जा सकते हैं।
"नई वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 11-12 साल में शहर की आबादी काफी बढ़ गई है। बढ़ी आबादी के हिसाब से नई वार्डबंदी में वार्डाें की संख्या बढ़ सकती है।"
-दीपक गोयल, ईओ, नगर परिषद गोहाना।
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