सोनीपत के गोहाना में अब दिन-रात होगी सड़कों की सफाई, 25 करोड़ के प्रोजेक्ट से चमकेगा शहर
गोहाना नगर परिषद शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डे-नाइट स्वीपिंग का प्रस्ताव लाई है। इसके तहत ...और पढ़ें
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गोहाना नगर परिषद का बड़ा फैसला [AI-Image (Inset Image: File Photo)]
HighLights
गोहाना में 192 किमी सड़कों की डे-नाइट सफाई होगी।
पांच साल के लिए निजी एजेंसी को ठेका देने की तैयारी।
कर्मचारियों की कमी दूर होगी, शहर की स्वच्छता बढ़ेगी।
परमजीत सिंह, सोनीपत (गोहाना)। शहर की सफाई व्यवस्था का विस्तार करने के लिए नगर परिषद ने डे-नाइट स्वीपिंग का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत मुख्य सड़कों और बाजारों में दिन के साथ रात को भी झाड़ू लगाई जाएगी। इसके लिए निजी एजेंसी को पांच साल का ठेका देने की तैयारी है।
पहले यह अनुबंध एक साल के लिए होता था। अब इसकी अवधि बढ़ाकर पांच साल करने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। करीब 25 करोड़ रुपये के इस परियोजना का उद्देश्य सफाई व्यवस्था को नियमित करना और शहर की सड़कों-गलियों को साफ रखना है।
नगर परिषद के सामने सफाई कर्मचारियों की कमी बड़ी चुनौती है। शहर में सड़कों और गलियों की कुल लंबाई करीब 192 किलोमीटर है, जबकि नियमित और पालिका रोल के मिलाकर केवल 92 सफाई कर्मी हैं। पूरे शहर की सफाई के लिए 200 से अधिक कर्मियों की जरूरत है।
कम कर्मचारियों के कारण पूरे शहर की सफाई में एक सप्ताह तक लग जाता है। इससे कई जगहों पर नियमित सफाई नहीं हो पाती और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पांच साल के अनुबंध से मिलेंगे स्थायी संसाधन
नगर परिषद पहले भी डे-नाइट स्वीपिंग के लिए निजी एजेंसी से काम करवाती रही है, लेकिन अनुबंध की अवधि एक साल होने के कारण एजेंसी को अपने संसाधन नहीं जोड़ती थी। अब पांच साल का अनुबंध करने का प्रस्ताव है।
लंबी अवधि का ठेका मिलने से एजेंसी सफाई के लिए जरूरी मशीनें, उपकरण और कर्मचारियों की व्यवस्था बेहतर तरीके से कर सकेगी। इससे सफाई कार्य में निरंतरता आएगी। नप पहले दो बाद राज्य स्तर पर स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है।
रात में सफाई, सुबह साफ मिलेंगे बाजार
दिन के समय बाजारों में वाहनों और लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। इससे सफाई करने में परेशानी आती है। ऐसे में रात की शिफ्ट में सफाई होने से मुख्य बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में बेहतर तरीके से झाड़ू लगाई जा सकेगी। सुबह दुकानें खुलने से पहले सड़कें साफ मिलेंगी। गलियों में दिन के समय सफाई होगी। शहर से प्रतिदिन करीब 40 टन कचरा निकलता है।
आबादी बढ़ने के साथ कचरे की मात्रा और सफाई की जरूरत भी बढ़ रही है। नगर परिषद घरों से कचरा एकत्र करने का काम पहले ही पांच साल के अनुबंध पर निजी एजेंसी को दे चुकी है। अब सड़कों की सफाई के लिए भी पांच साल का अनुबंध होगा।
'मुख्यालय की तरफ से जारी दिशानिर्देश के अनुसार ही प्रस्ताव तैयार कराया गया है। पहले शहर की सड़कों-गलियों की लंबाई व चौड़ाई का डिजिटल रिकार्ड तैयार किया गया। उसी के आधार पर एजेंसी से अनुबंध होगा। प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर लगेगा।'
-रजनी विरमानी, अध्यक्ष, नगर परिषद
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