गोहाना अनाज मंडी निर्माण में सुस्ती, एजेंसी पर लगेगा 31 लाख का भारी जुर्माना
गोहाना अनाज मंडी में निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण संबंधित एजेंसी पर अब कुल 31 लाख रुपये का ...और पढ़ें

गोहाना अनाज मंडी निर्माण में सुस्ती ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
अनाज मंडी निर्माण कार्य लक्ष्य से 40% पीछे
एजेंसी पर कुल 31.02 लाख रुपये का जुर्माना
किसान-आढ़ती धूल और असुविधा से परेशान
जागरण संवाददाता, गोहाना। अनाज मंडी में निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार अब संबंधित एजेंसी पर भारी पड़ेगी। 3.12 करोड़ रुपये के टेंडर के तहत दिसंबर 2026 तक काम पूरा करना है। लेकिन, तय लक्ष्य के मुकाबले एजेंसी काफी पीछे चल रही है।
अनुबंध के अनुसार, अब तक 75 प्रतिशत काम पूरा होना चाहिए था, जबकि मौके पर केवल 35 प्रतिशत काम ही हुआ है। अधिकारियों द्वारा कई बार नोटिस देने के बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आई।
ऐसे में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड अब एजेंसी पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना भी लगाएगा। इससे पहले भी पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जा चुका है। प्रस्तावित कार्रवाई के बाद कुल जुर्माना करीब 31.02 लाख रुपये होगा।
लक्ष्य से 40 प्रतिशत पीछे निर्माण कार्य
अनाज मंडी में निर्माण कार्य दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। इस अवधि में अब तक एजेंसी को 75 प्रतिशत काम पूरा करना था। एजेंसी निर्धारित लक्ष्य से 40 प्रतिशत पीछे है।
अब बोर्ड के नियमों के तहत अधिकतम 10 प्रतिशत जुर्माना लगाने के प्रविधान के अनुसार अधिकारियों ने अतिरिक्त पांच प्रतिशत जुर्माना लगाने की संस्तुति कर दी है। टेंडर की कुल राशि 3.12 करोड़ रुपये है।
इसके आधार पर पहले लगाए गए पांच प्रतिशत जुर्माने की राशि करीब 15.5 लाख रुपये है। अब पांच प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। यह कार्रवाई होने पर कुल जुर्माना करीब 31.02 लाख रुपये हो जाएगा।
सड़कों, पेयजल लाइन और प्लेटफार्म का होना है निर्माण
अनाज मंडी में सड़कों की मरम्मत व सुधार, पेयजल लाइन बिछाने और प्लेटफार्म बनाने के काम किए जाने हैं। ये काम मंडी की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े हैं। निर्माण में देरी रहने से इन दिनों चल रहे धान के सीजन में किसान व आढ़ती परेशान हैं। मंडी में रास्ते उखड़े होने के चलते पूरा दिन धूल उड़ती रहती है। फसल डालने में भी बाधा आ रही है।
एजेंसी को काम धीमा होने पर कई बार नोटिस दिए गए। जब सुधार नहीं हुआ तो पहले पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। उसके बाद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिस पर पांच प्रतिशत और जुर्माना लगेगा। इसकी उच्च अधिकारियों को सिफारिश कर दी गई है। -बिजेंद्र कुमार, एसडीओ, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड
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