जेएनएन, रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन में हिंसा भड़काने के मामले में कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह सहित तीनों आरोपितों को आरोपमुक्त कर दिया है। 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह की ऑडियो वायरल होने के बाद उनके खिलाफ देशद्रोह की धारा लगाई गई थी। मामले में तीनों आरोपितों प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह, मान सिंह दलाल और जयदीप धनखड़ को आरोपमुक्त कर दिया गया है।

मामले में गत दिवस प्रो. वीरेंद्र और जयदीप धनखड़ की तरफ से लगाई गई डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर सरकारी वकील ने जवाब दायर कर दिया था। मामले की सुनवाई गत दिवस अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितू वाइके बहल की कोर्ट में होनी थी, लेकिन वकीलों के वर्क सस्पेंड के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद मामले की सुनवाई आज शुक्रवार को हुई।

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फरवरी 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान एक विवादित ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बाद इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक सलाहाकार प्रो. वीरेंद्र, जयदीप धनखड़ और मान सिंह के खिलाफ हिंसा भड़काने का सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया था। 29 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान प्रो. वीरेंद्र के अधिवक्ता जेके गक्खड़ और जयदीप धनखड़ के अधिवक्ता पीयूष गक्खड़ ने डिस्चार्ज एप्लीकेशन लगाकर रिहा करने की मांग की थी।

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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितू वाइके बहल की कोर्ट ने डिस्चार्ज एप्लीकेशन को लेकर सरकारी वकील से 4 दिसंबर तक जवाब मांगा था। वीरवार को मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन वर्क सस्पेंड की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि सरकारी वकील की तरफ से डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर जवाब दे दिया गया था।

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