विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

135 दिन बाद खुला सोहना-पलवल हाईवे, धारूहेड़ा-भिवाड़ी लेन पर आवाजाही शुरू; त्योहारों पर मिली राहत

Published: Wed, 28 Oct 2026 03:31 PM (IST)

सोहना-पलवल हाईवे पर 135 दिन बाद आवाजाही फिर से शुरू हो गई है, हालांकि अभी केवल एक लेन खोली गई ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. सोहना-पलवल हाईवे पर 135 दिन बाद आवाजाही शुरू।

  2. फिलहाल हाईवे की केवल एक लेन आवागमन के लिए खुली।

  3. त्योहारों के मद्देनजर जलभराव वाले मार्ग को खोला गया।

संवाद सहयोगी, रेवाड़ी (धारूहेड़ा)। सोहना-पलवल हाईवे पर 135 दिन के बाद एक बार फिर से आवाजाही शुरू हो गई है। फिलहाल हाईवे की एक लेन खोली गई है, जबकि दूसरी लेन पर आवागमन बंद है।

इस लाइन के चलते धारूहेड़ा की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को भगत सिंह कालोनी और अलवर बाईपास की तरफ से निकलना होगा। नेशनल हाईवे से लेकर स्टेट हाईवे पर किनारों पर मिट्टी डलवाई गई है।

भिवाड़ी-धारूहेड़ा लेन पर आवाजाही शुरू

वर्तमान में भिवाड़ी से धारूहेड़ा जाने वाली लेन पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। फिलहाल नेशनल हाईवे से लेकर स्टेट हाईवे पर किनारे की तरफ मिट्टी डलवाई गई है। जिसका मुख्य उद्देश्य जलभराव को कालोनी की तरफ आने से रोकना है।

नगरपालिका धारूहेड़ा के चेयरमैन अजय जांगडा, उपचेयरमैन अमन राव, वार्ड तीन से पार्षद त्रिलोक धारीवाल अनिल कुमार पार्षद, पूर्व पार्षद नानक व धारूहेड़ा से कई प्रतिनिध अलवर बाइपास पहुंचे। इस मौके पर एक लाईन पर जेसीबी से सड़क को ठीक गया ताकि त्योहार पर आवागमन बना रहे। भिवाड़ी से पार्षद हवा सिंह भी मौजूद रहे।

तीन साल से जलभराव से बढ़ी हुई है परेशानी

अलवर बाईपास पर राजस्थान और हरियाणा के बीच सीमा और राजनीति वर्चस्व से जुड़े विवाद के चलते यहां पिछले तीन साल से वर्षा के पानी के भराव की समस्या बनी हुई है। वर्षा के दौरान हाईवे पर हालात तालाब जैसे हो जाते हैं।

उस समय यहां करीब तीन से चार फीट तक पानी जमा हो जाता है। जिसकी वजह से यहां से वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल निकलने वालों तक की आवाजाही जोखिम भरी हो जाती थी।

'अब दीपावली व अन्य त्योहारों को देखते हुए यह मार्ग एक तरफ से खोल दिया गया है। बाईपास और उसके आसपास के इलाके में जमा पानी की निकासी की जा रही है।'

- अजय जांगड़ा, चेयरमैन नगरपालिका धारूहेड़ा

यह भी पढ़ें- रेवाड़ी में जोहड़ों पर भूमाफिया का कब्जा, 150 फीट नीचे पहुंचा भूजल स्तर; प्रशासन मौन

यह भी पढ़ें- रेवाड़ी में बस स्टैंड के नाम पर दो गांव आमने-सामने, कोसली और भाकली के बीच बढ़ा विवाद