'बस खराब नहीं, गांव पास था', नारनौल की जगह कुंड में रोकी बस तो GM ने लिया एक्शन; ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड
रोडवेज बस का निर्धारित नारनौल की बजाय कुंड में रात्रि ठहराव करने पर चालक-परिचालक को निलंबित कर दिया गया है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
बस का रात्रि ठहराव कुंड में करने पर निलंबन।
महाप्रबंधक के आदेशों की अवहेलना मानी गई अनुशासनहीनता।
चालक-परिचालक को नाइट भत्ता भी मिलता था।
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। रोडवेज बस का निर्धारित स्थान नारनौल की बजाय कुंड में रात्रि ठहराव करना दो कर्मचारियों को भारी पड़ गया। रोडवेज महाप्रबंधक ने नारनौल की बजाय कुंड में बस का रात्रि ठहराव करने पर चालक-परिचालक को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार महाप्रबंधक की ओर से एक माह पहले ही इस बस का रात्रि ठहराव कुंड की बजाय नारनौल कर दिया गया था। पहले यह बस कुंड अड्डे पर ही रात्रि ठहराव करती थी। वहीं कुंड के नजदीक ही चालक-परिचालक के गांव पड़ते हैं, इसलिए वह पहले से ही वहीं नाइट करते आ रहे थे।
महाप्रबंधक के मना करने पर भी कुंड में किया बस का रात्रि ठहराव
महाप्रबंधक के आदेश के बाद भी चालक-परिचालक ने नारनौल की बजाय कुंड में ही बस का रात्रि ठहराव कर दिया। हालांकि इस मामले में चालक-परिचालक की तरफ विभागीय अधिकारियों काे जानकारी दी गई कि रात्रि ठहराव पर जाते समय कुंड में बस खराब हो गई थी, इसलिए उन्हें वहीं रुकना पड़ा।
जबकि विभाग का आरोप है कि शाम को बस खराब होने की सूचना चालक-परिचालक ने न तो नारनौल अड्डा इंचार्ज को दी और न ही मुख्यालय को बताया गया। नारनौल में लगे रेवाड़ी डिपो के स्टैंड इंचार्ज की रिपोर्ट के आधार पर ही चालक-परिचालक पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
रात्रि ठहराव के लिए दिया जाता है भत्ता
रात्रि ठहराव के लिए रोडवेज की तरफ से चालक-परिचालक को अलग से भुगतान किया जाता है। नारनौल में ठहराव के दौरान उन्हें नियमानुसार नाइट भत्ता और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। इसके बावजूद मनमाने तरीके से कुंड में बस खड़ी करने को अनुशासनहीनता माना गया है।दोनों चालक-परिचालक रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान व सचिव बताए जा रहे हैं।
नारनौल की बजाय कुंड में बस का रात्रि ठहराव करने के चलते चालक-परिचालक को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार की लापरवाही से तो डिपो में व्यवस्था ही खराब हो जाएगी। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि बस खराब हुई थी तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित शाखा में देनी चाहिए थी।
- निरंजन कुमार, महाप्रबंधक रोडवेज
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