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रेवाड़ी बना सबसे प्रदूषित शहर, AQI 622 के साथ रात में टॉप पर रहा; हरियाणा के कई शहरों का बुरा हाल

Published: Wed, 04 Nov 2026 09:33 PM (IST)

दीपावली से पहले हरियाणा के कई शहरों की हवा बेहद खराब हो गई है, जिसमें रेवाड़ी 622 AQI के साथ ...और पढ़ें

रेवाड़ी में रात को स्मॉग की स्थिति। फोटो: जागरण

रेवाड़ी में रात को स्मॉग की स्थिति। फोटो: जागरण

HighLights

  1. रेवाड़ी 622 AQI के साथ हरियाणा का सबसे प्रदूषित शहर।

  2. करनाल, कैथल, भिवानी, रोहतक में भी AQI 500 से अधिक।

  3. दीपावली से पहले प्रदूषण बढ़ा, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ीं।

जागरण संवाददा, रेवाड़ी। दीपावली से चार दिन पहले हरियाणा के कई शहरों की हवा बेहद खराब हो गई है। बुधवार रात 9:22 बजे aqi.in के आंकड़ों के मुताबिक रेवाड़ी 622 AQI के साथ हरियाणा के शहरों की सूची में पहले स्थान पर रहा।

करनाल 607 AQI के साथ दूसरे और कैथल 554 AQI के साथ तीसरे स्थान पर रहा। गुरुग्राम का AQI 363 और फरीदाबाद का 361 दर्ज किया गया।

रेवाड़ी में AQI 622, करनाल और कैथल भी 500 के पार

बुधवार सुबह रेवाड़ी का AQI 310 दर्ज किया गया था, लेकिन रात 9:22 बजे तक यह बढ़कर 622 पहुंच गया। करनाल में 607 और कैथल में 554 AQI दर्ज किया गया। भिवानी और रोहतक में भी प्रदूषण का स्तर 500 के पार रहा।

शहरों की रैंकिंग में रेवाड़ी पहले, करनाल दूसरे और कैथल तीसरे स्थान पर रहे। सोनीपत 481 AQI के साथ छठे स्थान पर रहा।

गुरुग्राम और फरीदाबाद की हवा भी खराब

NCR के प्रमुख शहरों में गुरुग्राम का AQI 363 और फरीदाबाद का 361 दर्ज किया गया। दोनों शहर हरियाणा के सबसे प्रदूषित 10 शहरों की सूची में शामिल रहे।

बुधवार सुबह से ही कई इलाकों में स्मॉग छाया रहा। शाम होते-होते इसकी चादर और घनी हो गई। सड़कों पर दृश्यता कम होने के साथ लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी होने लगी।

हरियाणा के 10 शहरों का AQI

समय: बुधवार रात 9:22 बजे | स्रोत: aqi.in | US AQI

रैंक शहर AQI
1 रेवाड़ी 622
2 करनाल 607
3 कैथल 554
4 भिवानी 531
5 रोहतक 527
6 सोनीपत 481
7 सिरसा 404
8 पानीपत 381
9 गुरुग्राम 363
10 फरीदाबाद 361

धूल और कचरा जलाना भी प्रदूषण की वजह

रेवाड़ी में वाहनों से निकलने वाला धुआं, फैक्ट्रियों का प्रदूषण, खुले में कचरा जलाना और टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल हवा को प्रदूषित कर रहे हैं। हवा की गति धीमी होने से प्रदूषक कण वातावरण में बने हुए हैं।

स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जारी आदेशों के बावजूद प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने की बात कही गई है।

दीपावली से पहले बढ़ी चिंता

दीपावली में अभी चार दिन शेष हैं। ऐसे में आतिशबाजी के कारण प्रदूषण और बढ़ने की आशंका जताई गई है। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

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