रेवाड़ी मंडियों में बाजरे की आवक में गिरावट, कपास भी कम पहुंचा
रेवाड़ी की मंडियों में बाजरे की आवक में कमी दर्ज की गई है, जहां अब रोजाना औसतन 2,200 क्विंटल बाजरा ...और पढ़ें

रेवाड़ी मंडियों में बाजरे की आवक में गिरावट ( फोटो स्रोत : जागरण )
HighLights
रेवाड़ी मंडियों में बाजरे की आवक में कमी आई है।
किसानों को बाजरे पर 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर भरपाई।
कपास की आवक भी पिछले साल की तुलना में कम।
ज्ञान प्रसाद, रेवाड़ी। मंडियों में बाजरे की आवक अब कम होने लगी है। जिले की अनाज मंडियों में पहले के मुकाबले कम किसान बाजरा लेकर पहुंच रहे हैं।
फिलहाल रोजाना औसतन 2,200 क्विंटल बाजरे की आवक हो रही है। सोमवार को रेवाड़ी अनाज मंडी में 120 क्विंटल बाजरा पहुंचा। मंगलवार को भी बहुत कम किसान बाजरा लेकर आए।
त्योहार के चलते मंडियों में आवक कम...
त्योहार के चलते भी मंडियों में आवक कम है। इससे उठान प्रक्रिया सहज हो रही है। फिलहाल मंडी में करीब 14 हजार क्विंटल बाजरा पड़ा है। जिले में रेवाड़ी और कोसली अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद हो रही है।
दोनों मंडियों में सरकारी खरीद नहीं हो रही और किसान निजी तौर पर बाजरा बेच रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें 600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भावांतर भरपाई दी जा रही है। बाजरे की खरीद प्रक्रिया 15 नवंबर तक चलेगी।
अधिकांश किसान बेच चुके अपनी उपज
अधिकांश किसान अपनी उपज बेच चुके हैं। अब वही किसान मंडी पहुंच रहे हैं, जिन्होंने निर्धारित नियम के अनुसार पहले प्रतिदिन 25 क्विंटल बाजरा बेचा था और कुछ उपज का स्टाक रखा हुआ था। एक किसान से एक बार में 25 क्विंटल बाजरा खरीदा जा रहा है।
इस सीजन में रेवाड़ी और कोसली मंडियों में अब तक 9,93,169 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। इसमें रेवाड़ी में 5,77,021 और कोसली में 4,16,148 क्विंटल की खरीद हुई।
पिछले साल इसी अवधि में कुल आवक 10,50,821 क्विंटल थी। तब रेवाड़ी में 6,52,394 और कोसली में 3,98,427 क्विंटल की खरीद हुई थी। जिले में कपास की आवक भी छिटपुट है।
इस साल अब तक 1,839 क्विंटल कपास मंडियों में पहुंची, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,500 क्विंटल था।
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