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'व्हाट्सएप पर ऑर्डर और घर पर डिलीवरी', रेवाड़ी में पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद ऑनलाइन धड़ल्ले से हो रही बिक्री

Published: Tue, 27 Oct 2026 06:30 AM (IST)

रेवाड़ी में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद, ऑनलाइन और अवैध दुकानों के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. रेवाड़ी में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री जारी।

  2. व्हाट्सएप पर ऑर्डर लेकर हो रही होम डिलीवरी।

  3. जिले में किसी के पास वैध लाइसेंस नहीं।

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। जिले में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए पाबंदियां लागू हैं। पटाखों के बेचने पर भी पाबंदी है। इस बीच ‘दैनिक जागरण’ की टीम ने दीवाली से पहले पटाखों की बिक्री को लेकर पड़ताल की तो पता चला कि डीलर ऑनलाइन पटाखे बेच रहे हैं।

जिला प्रशासन ने अब तक किसी को भी पटाखे बेचने का अस्थायी लाइसेंस जारी नहीं किया है, इसके बावजूद भी ऑनलाइन पटाखों की बिक्री शुरू हो चुकी है।

दुकानों में भी पटाखों की अवैध बिक्री

अधिकतर पटाखे बेचने वाले इंटरनेट मीडिया पर रील्स प्रसारित कर अपने पटाखों को बेच रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शहर के गुड़ बाजार में भी कुछ दुकानों पर पटाखों की अवैध तरीके से बिक्री अभी से शुरू हो गई है।

डीलर चैट के जरिये आर्डर लेकर सीधे डिलीवरी करने के दावे कर रहे हैं। शहर के विभिन्न इलाकों जैसे बारा हजारी, जैनपुरी, भजन का बाग में घर व दुकानों के भीतर अवैध रूप से बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक किया हुआ है। जहां से चोरी छुपे पटाखों बेचे जा रहे हैं।

गूगल पर मिले चार पटाखा डील

गूगल पर सर्च करने पर रेवाड़ी में पटाखा डीलर के चार नाम सामने आए। इनमें राव फायर वर्क्स, नटराज फायर वर्क्स, श्री शाम फायर वर्क्स, गिरी पटाखा वाले शामिल हैं। इन पर संपर्क करने पर डीलर ने स्वयं ही पटाखों की डिलीवरी करने की बात कही।

दैनिक जागरण रिपोर्टर ने शहर में ऑनलाइन पटाखों की बिक्री कर रहे दो विक्रेताओं से संपर्क किया। पहले तो अज्ञात को पटाखे न बेचने की बात कही, लेकिन जब रिपोर्टर ने उनकी पहचान वाले व्यक्ति का नाम लिया तो तो विक्रेता पटाखे देने को तैयार हो गया।

उसने कहा वाट्सएप पर मैसेज भेजो, मैं सैंपल भेजता हूं। हमारे पास हर तरह के पटाखे मिलेंगे। लेकिन पूछने पर कहा कि सख्ती के चलते सिर्फ आनलाइन काम कर रहे हैं। रिपोर्टर ने मैसेज किया तो उसने 18 तरह के पटाखों की फोटो भेजी, कहा कि आर्डर देने पर शाम तक डिलीवरी मिल जाएगी।

जिले में एक भी व्यक्ति के पास लाइसेंस नहीं

जिला प्रशासन के रिकार्ड के अनुसार, वर्तमान में जिले के किसी भी स्थानीय व्यापारी के पास बम-पटाखे बेचने का वैध लाइसेंस मौजूद नहीं है। इसके बावजूद घरों में फल-फूल रहा यह कारोबार न केवल लोगों की जान के लिए खतरा, बल्कि पटाखे चलाने के बाद जहरीले धुएं से शहर की आबोहवा को और अधिक गंभीर रूप से प्रदूषित होगी।

जिले में अवैध रूप से पटाखे बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके अलावा ग्रीन पटाखे बेचने की गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। जल्द ही अवैध रूप से पटाखे बेचने वालों पर छापा मार कार्रवाई की जाएगी।
-हेमेंद्र कुमार मीणा, एसपी।

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