रेवाड़ी में 73000 एकड़ फसल का डेटा पोर्टल पर मिसमैच, सैटेलाइट सर्वे के बाद 200 पटवारी मैदान में उतरे
रेवाड़ी जिले के 407 गांवों में 73 हजार एकड़ से अधिक फसल का रिकॉर्ड 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल से मेल ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
रेवाड़ी में 407 गांवों में 73 हजार एकड़ फसल रिकॉर्ड मिसमैच।
'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल से सैटेलाइट डेटा का मिलान नहीं।
प्रशासन ने तीन दिन में डेटा सत्यापन का अल्टीमेटम दिया।
गोबिंद सिंह, रेवाड़ी। किसानों की तरफ से बोई गई फसलों का सही ब्योरा देने के लिए सरकार की तरफ से हर वर्ष गिरदावरी कराई जाती है। सामान्यत: यह कार्य राजस्व विभाग के पटवारियों की तरफ से 10 से 15 सितंबर तक खेतों में जाकर पूरा किया जाता है, लेकिन इस बार पटवारियों की हड़ताल के कारण निर्धारित अवधि में गिरदावरी का कार्य पूरा नहीं हो पाया।
इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने सैटेलाइट से गिरदावरी करने का निर्णय लिया, लेकिन सैटेलाइट से प्राप्त मैपिंग डेटा का मिलान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों द्वारा दर्ज कराए गए ब्योरे से किया तो जिले में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और असमानता (मिसमैच) सामने आई।
सैटेलाइट सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जिले की तीन प्रमुख तहसीलों और पांच उप-तहसीलों के 407 गांवों में कुल 73 हजार एकड़ जमीन पर बोई फसलों का डेटा पोर्टल से मेल नहीं खा रहा।
इससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि या तो पोर्टल पर फसल गलत दर्ज की गई है या फिर सैटेलाइट इमेज में दर्ज फसल का प्रकार धरातल से अलग है। शुक्रवार को मिसमैच डेटा की सूची जिला प्रशासन को मिलते ही उपायुक्त एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारियों को मैदान में उतार दिया है।
रेवाड़ी तहसील में सबसे अधिक गांवों में डाटा मिसमैच
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार रेवाड़ी तहसील के सबसे अधिक 118 गांवों में 14 हजार एकड़ से अधिक एरिया मिसमैच है। इसी प्रकार बावल में दस हजार एकड़, धारूहेड़ा में पांच हजार से अधिक, डहीना में दस हजार से अधिक, नाहड़ में सात हजार से अधिक, मनेठी में आठ हजार से अधिक, पाल्हावास में आठ हजार से अधिक एकड़ एरिया मिसमैच पाया गया है।
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हालांकि पटवारी फिल्ड में एरिया को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।अभी तक 20 हजार से अधिक एरिया को वेरिफाइड भी किया जा चुका है।
200 पटवारी, तीन दिन का अल्टीमेटम
जिला प्रशासन ने मिसमैच डेटा को दुरुस्त करने के लिए तीन दिन की समयसीमा तय की है। इसके तहत जिले की रेवाड़ी, बावल व कोसली तहसील में 200 पटवारियों को भौतिक सत्यापन के काम में लगाया है।
इसके अलावा पटवारियों की मदद और फसल की सही पहचान के लिए कृषि विभाग की टीम तैनात की गई है। यह टीम किसानों के खेतों में जाकर फसल का मिलान कर रही है। वहीं वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट को पोर्टल पर अपडेट कर रही है।
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल डेटा सुधरने के बाद ही मंडी में बिकेगी फसल
मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर सत्यापित डेटा के आधार पर मंडियों में किसान की फसल की सरकारी खरीद होती है। अगर गिरदावरी में फसल मिसमैच की तो किसान को मंडी में अपनी फसल बेचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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वहीं प्राकृतिक आपदा या अन्य किसी करण से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा भी इसी पोर्टल के डेटा के आधार पर क्षतिपूर्ति के जरिये मुआवजा राशि दी जाती है।
सर्वर और नेटवर्क की दिक्कत से बढ़ी परेशानी
पटवारियों के अनुसार फील्ड में नेटवर्क की दिक्कत के कारण वेरिफिकेशन में परेशानी हो रही है। वहीं सर्वर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है।इससे पटवारियों की परेशानी और अधिक बढ़ी हुई है। सरकार की तरफ से टैब देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक नहीं मिले है।
तहसील-वाइज मिसमैच एरिया आंकड़ा
| तहसील | कुल एरिया (एकड़) | वेरिफाइड एरिया | लंबित एरिया | वेरिफाइड प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
| बावल | 10823.479 | 3391.558 | 7431.922 | 31.34% |
| डहीना | 10438.509 | 987.863 | 9450.647 | 9.46% |
| धारूहेड़ा | 5705.124 | 3087.631 | 2617.493 | 54.12% |
| कोसली | 7478.747 | 998.519 | 6480.228 | 13.35% |
| मनेठी | 8709.056 | 1449.688 | 7259.369 | 16.65% |
| नाहड़ | 7665.788 | 1159.806 | 6505.982 | 15.13% |
| पाल्हावास | 8667.676 | 3232.969 | 5434.707 | 37.30% |
| रेवाड़ी | 14427.534 | 6248.375 | 8179.159 | 43.31% |
| कुल एरिया | 73915.913 | 20556.408 | 53359.507 | 27.81% |
