खेत को पिला दी 21 हजार लीटर शराब! बांका में नष्ट की गई मदिरा बहकर खेत में पहुंची, पीली पड़ी धान की फसल
Banka Excise Department Liquor : बांका में उत्पाद विभाग द्वारा नष्ट की गई 21 हजार लीटर से अधिक अवैध शराब ...और पढ़ें

HighLights
बांका में 21 हजार लीटर शराब बहकर खेत में घुसी।
किसान की 13 कट्ठे धान की फसल शराब से बर्बाद।
डीएम ने मामले की जांच और मुआवजे के दिए आदेश।
जागरण संवाददाता, बांका। Banka Excise Department Liquor : बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन बांका जिले से एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां उत्पाद विभाग की कथित लापरवाही ने एक गरीब किसान के खेत को शराब का दरिया बना दिया। करीब एक सप्ताह पूर्व उत्पाद विभाग द्वारा 74 मामलों में जब्त 21 हजार 500 लीटर से अधिक अवैध शराब को नष्ट किया गया था।
नष्टीकरण के दौरान हजारों लीटर शराब कार्यालय परिसर से बहकर बगल के खेत में पहुंच गई। नतीजा यह हुआ कि किसान के 13 कट्ठे खेत में लहलहा रही धान की हरी-भरी फसल शराब के असर से पीली पड़कर पूरी तरह झुलसने की कगार पर पहुंच गई है।
मामला बांका प्रखंड की लकड़ीकोला पंचायत अंतर्गत बहियार स्थित उत्पाद विभाग कार्यालय का है। यहां 18 सितंबर को कार्यपालक मजिस्ट्रेट की निगरानी में 74 मामलों में जब्त देसी व विदेशी शराब की बड़ी खेप को बुलडोजर से रौंदकर नष्ट किया गया था। कार्यालय परिसर से सटा हुआ खेत स्थानीय किसान राजकुमार दास का है।
किसान का आरोप है कि शराब नष्ट करने के लिए उचित जल-निकासी या सुरक्षा का प्रबंध नहीं किया गया था। इसके चलते हजारों लीटर शराब बहते हुए सीधे उनके धान के खेत में भर गई।
20 से 25 मन धान की थी उम्मीद, पूंजी भी डूबी
पीड़ित किसान राजकुमार दास ने बताया कि 13 कट्ठे में धान लगाने के लिए उन्होंने करीब 10 से 12 हजार रुपये कर्ज और मेहनत से जुटाकर लगाए थे। पौधों में अब सुंदर बालियां निकल रही थीं और खेत से करीब 20 से 25 मन धान उपजने की पूरी उम्मीद थी, जिससे उनके परिवार के लिए सालभर के राशन का इंतजाम होना था।
लेकिन खेत में शराब का जमाव होते ही कुछ ही दिनों में हरी फसल पीली पड़ने लगी। अब दाने बनने से पहले ही पौधे सूख रहे हैं, जिससे खेती में लगी पूरी पूंजी डूब गई है।
कृषि वैज्ञानिक बोले- अल्कोहल से मिट्टी और फसल को सीधा नुकसान
मामले पर कृषि विज्ञानी संजय मंडल ने बताया कि अल्कोहल मिट्टी की स्वाभाविक प्रकृति और उसकी उर्वरता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। जब अत्यधिक मात्रा में अल्कोहल युक्त तरल खेत की मिट्टी में समाता है, तो वह मिट्टी के आवश्यक सूक्ष्म जीवाणुओं और पोषक तत्वों को नष्ट कर देता है। बालियां निकलने के संवेदनशील समय पर ऐसा होने से पौधे पोषक तत्व ग्रहण नहीं कर पाते और फसल पीली पड़कर सूखने लगती है।
डीएम से लगाई मुआवजे की गुहार, जांच के आदेश
लकड़ीकोला पंचायत के मुखिया श्रीकांत मंडल के सहयोग से पीड़ित किसान ने सेवा शिविर में पहुंचे बांका के डीएम अंशुल अग्रवाल को आवेदन देकर न्याय और आर्थिक मुआवजे की गुहार लगाई है।
इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक रवीन्द्र कुमार सिंह ने स्वीकार किया कि शराब नष्ट करने के दौरान कुछ शराब बहकर बगल के खेत में चली गई थी, जिससे लगभग तीन कट्ठे की फसल प्रभावित होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि नष्टीकरण कार्यपालक मजिस्ट्रेट की देखरेख में गड्ढा खोदकर किया जाता है।
वहीं, डीएम अंशुल अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि किसान की शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि सरकारी प्रक्रिया के दौरान किसी किसान की फसल को नुकसान पहुंचा है तो यह गंभीर बात है; दोषियों को व्यवस्था में सुधार के सख्त निर्देश दिए जाएंगे।
