अरे... यह क्या! बिहार की बदुआ नदी में इतना लंबा मगरमच्छ; भागो-भागो... बड़ा खतरनाक है; लोगों के उड़े होश
Banka Badua River Crocodile Sighting: बांका के शंभुगंज प्रखंड की बदुआ नदी में शनिवार को लगभग आठ फीट लंबा मगरमच्छ ...और पढ़ें

बिहार के बांका जिला अंगर्तत शंभुगंज में बदुआ नदी में दिखा मगरमच्छ।
HighLights
बदुआ नदी में आठ फीट लंबा मगरमच्छ दिखने से दहशत।
विशेषज्ञों ने गंगा के उफान से भटककर आने की आशंका जताई।
ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षित रेस्क्यू की मांग की।
संवाद सहयोगी, शंभुगंज (बांका)। Banka Badua River Crocodile Sighting: शनिवार को बारिश थमते ही बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड अंतर्गत पौकरी गांव के समीप बहने वाली बदुआ नदी अचानक सनसनी का केंद्र बन गई। बदुआ नदी पुल से दक्षिण दिशा में पानी के बीच करीब आठ फीट लंबे विशालकाय मगरमच्छ को तैरते देखा गया।
इस नदी के इतिहास में संभवतः पहली बार इतने बड़े मांसाहारी जलीय जीव की मौजूदगी की खबर जैसे ही फैली, पौकरी सहित आसपास के गांवों में कौतूहल और दहशत का माहौल बन गया। देखते ही देखते नदी के दोनों किनारों पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और लोगों में मगरमच्छ का वीडियो बनाने की होड़ मच गई।
बच्चों के जाने पर रोक
ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार की दोपहर लगातार हो रही मानसूनी बारिश रुकने के बाद पौकरी गांव के कुछ बच्चे बदुआ नदी की ओर टहलने निकले थे। पुल से कुछ दूरी पर बच्चों की नजर पानी के बीच तैरती एक विशाल आकृति पर पड़ी। पहले तो बच्चों को लगा कि कोई बड़ा लट्ठा बह रहा है, लेकिन जैसे ही उसने पानी की सतह पर हरकत करते हुए पूंछ और जबड़ा हिलाया, बच्चे सिहर उठे। बच्चों ने तुरंत उल्टे पांव भागकर गांव वालों को इसकी खबर दी।
मोबाइल में कैद हुआ 8 फीट का मगरमच्छ
सूचना मिलते ही ग्रामीण राजेश कुमार, रूपेश कुमार, नीतीश कुमार, लालू कुमार और नवीन कुमार समेत दर्जनों लोग नदी किनारे पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुष्टि की कि पानी में तैर रहा जीव करीब आठ फीट लंबा मगरमच्छ है, जो कभी गहरे पानी में उतरता तो कभी उथले हिस्से में अपनी पीठ दिखाता।
बदुआ नदी में मगरमच्छ
स्थान: बदुआ नदी पुल के दक्षिण, पौकरी गांव, प्रखंड- शंभुगंज (बांका)।
समय: शनिवार दोपहर (बारिश थमने के बाद)।
जीव की लंबाई: करीब 8 फीट।
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण: राजेश कुमार, रूपेश कुमार, नीतीश कुमार, लालू कुमार और नवीन कुमार आदि।
विशेषज्ञ राय (प्रवीण कुमार प्रणव): गंगा का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ विपरीत धारा चीरकर जलमार्गों/नहरों के रास्ते बदुआ नदी में आ सकता है।
सुरक्षा उपाय: ग्रामीणों द्वारा बच्चों और मवेशियों को नदी की ओर जाने से रोकने की सार्वजनिक मुनादी।
ग्रामीणों ने तुरंत अपने मोबाइल कैमरों से इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पूरे गांव में चेतावनी जारी कर दी है कि कोई भी व्यक्ति नदी में स्नान करने न जाए और छोटे बच्चों को पुल व नदी तट की ओर बिल्कुल न जाने दिया जाए।
उफनती गंगा से भटककर बदुआ में पहुंचने की आशंका
लगातार मानसूनी बारिश के कारण बदुआ नदी का जलस्तर इन दिनों उफान पर है। पर्यावरणविद् एवं जीव विज्ञान शिक्षक प्रवीण कुमार प्रणव ने इस घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण करते हुए बताया कि मगरमच्छ एक ताकतवर जलीय जीव है। वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है।
एक्सपर्ट की राय
चूंकि बदुआ नदी का जलप्रवाह आगे जाकर अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) के पास गंगा के चौर क्षेत्र से जुड़ता है, ऐसे में पूरी संभावना है कि गंगा के उफान से यह मगरमच्छ भटककर धारा के विपरीत तैरते हुए या सहायक नहरों व डांड़ के रास्ते बदुआ नदी में प्रवेश कर गया हो। उन्होंने आगाह किया कि मगरमच्छ संकरे जलमार्गों में भी तेजी से आगे बढ़ सकता है, इसलिए तटवर्ती बस्तियों को अत्यधिक सतर्क रहने की दरकार है।
पशुपालकों की बढ़ी चिंता
बदुआ नदी में मगरमच्छ की मौजूदगी ने स्थानीय किसानों और पशुपालकों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीण रोजाना अपने मवेशियों (गाय, भैंस) को नहलाने और पानी पिलाने के लिए इसी नदी में लाते हैं। अब विशाल मगरमच्छ की मौजूदगी से मवेशियों और इंसानों दोनों पर जानलेवा हमले का खतरा मंडराने लगा है।
वन विभाग से रेस्क्यू की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि नदी में विशेषज्ञ टीम भेजकर तत्काल निगरानी कराई जाए और मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे किसी बड़े प्राकृतिक अभयारण्य में छोड़ा जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
