रेवाड़ी में 2.55 लाख लोगों के आभा कार्ड अभी भी बाकी, जानें इसके फायदे
रेवाड़ी में सरकार के प्रयासों के बावजूद 2.55 लाख से अधिक नागरिकों ने अभी तक अपना आभा कार्ड नहीं बनवाया ...और पढ़ें

रेवाड़ी में 2.55 लाख लोगों के आभा कार्ड बने (एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
रेवाड़ी में 2.55 लाख नागरिकों के आभा कार्ड नहीं बने।
जिला आभा कार्ड बनाने में राज्य में छठे स्थान पर।
आभा कार्ड से डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं।
ज्ञान प्रसाद, रेवाड़ी। हर नागरिक का डिजिटल हेल्थ अकाउंट बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन ने शत-प्रतिशत नागरिकों से आभा कार्ड बनवाने की अपील की है।
परिवार पहचान पत्र के अनुसार, जिला में कुल 10,08,729 लोगों के कार्ड बनाए जाने हैं। अब तक 7,53,724 लोगों के कार्ड बने हैं, यानी 74.72 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। अभी 2,55,005 लोगों के कार्ड बनने बाकी हैं।
रेवाड़ी छठे स्थान पर
अधिकारी अधीनस्थ कर्मचारियों को आमजन तक आभा आइडी के फायदे पहुंचाने के निर्देश दे रहे हैं। इससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकार्ड सुरक्षित रहेंगे और चिकित्सकों के साथ मेडिकल हिस्ट्री साझा करना आसान व पारदर्शी होगा।
आभा कार्ड बनाने का अभियान जारी
जिला में आभा कार्ड बनाने के लिए अभियान चल रहा है। प्रदेश के जिलों में रेवाड़ी छठे पायदान पर है। पड़ोसी जिला महेंद्रगढ़ 79.21 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है। वहां परिवार पहचान पत्र के अनुसार 10,29,512 लोगों में से 8,15,519 के कार्ड बन चुके हैं और 2,13,993 लोगों के कार्ड बनने बाकी हैं।
इसके बाद भिवानी 77.94 प्रतिशत, फतेहाबाद 77.17 प्रतिशत, सिरसा 75.54 प्रतिशत और करनाल 75.05 प्रतिशत के साथ हैं।
आभा कार्ड 14 अंकों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है, जिसमें लाभार्थी के मेडिकल रिकार्ड सुरक्षित रखे जाते हैं। इससे चिकित्सकों और अस्पतालों में कागज रहित सेवाएं लेने, पुरानी रिपोर्ट खोजने और स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग करने में आसानी होती है। पुरानी रिपोर्ट, चिकित्सक की पर्ची और लैब रिपोर्ट एक जगह रखी जा सकती हैं। चिकित्सक क्यूआर कोड स्कैन कर मरीज का रिकार्ड देख सकते हैं। देश भर के सरकारी और निजी अस्पतालों में कभी भी इन रिकार्ड का उपयोग किया जा सकता है।- डॉ जोगेंद्र सिंह तंवर, उपसिविल सर्जनयह भी पढ़ें- बिजनौर में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: SP के आदेश पर आधी रात को छापामारी, 32 डंपर, पोकलेन और लोडर पकड़े गए