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बाजरे की MSP खरीद को लेकर रेवाड़ी मंडी में किसानों और पुलिस में झड़प, जबरन ताला खोलने पर हुआ विवाद

Published: Mon, 21 Sep 2026 04:39 PM (IST)

रेवाड़ी की नई अनाज मंडी में बाजरे की एमएसपी पर खरीद शुरू करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन ...और पढ़ें

HighLights

  1. बाजरे की एमएसपी खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन।

  2. मंडी गेट पर ताला लगाने के प्रयास में पुलिस से झड़प।

  3. एसडीएम के आश्वासन पर धरना समाप्त, तीन दिन का अल्टीमेटम।

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। शहर की नई अनाज मंडी में एमएसपी पर बाजरे की खरीद शुरू करने की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया, जिसे रोकने के दौरान पुलिस और किसानों के बीच करीब 15 मिनट तक झड़प हुई। इस दौरान महिला किसानों के साथ भी धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया गया।

एसडीएम को आना पड़ा समझाने

हालांकि, बाद में किसान मंडी गेट के सामने धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर एसडीएम दलबीर सिंह एवं मार्केट कमेटी के नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। एसडीएम के समझाने और मांगों को सरकार तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।

सुबह से ही तैनात कर दी गई थी पुलिस

सोमवार सुबह से ही किसानों के अल्टीमेटम को देखते हुए प्रशासन की ओर से मंडी में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। किसान मंडी गेट पर पहुंचे और उसे बंद करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद किसान धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद किसानों ने दोबारा गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया, जिस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

महिला कर्त्रियों से हाथापाई का आरोप

करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों में खींचतान होती रही। किसान ताला लगाने में सफल भी रहे, लेकिन करीब दो मिनट बाद ही ताला खोल दिया गया। इस दौरान महिला किसानों के साथ भी धक्का-मुक्की होने का आरोप लगाते हुए किसान यूनियन ने विरोध जताया और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

तीन दिन का दिया अल्टीमेटम

किसानों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। भाकियू चढ़ूनी के प्रधान समय सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने निजी एजेंसी के माध्यम से बाजरे की खरीद कराई थी।

किसानों को करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिला और सरकार की ओर से 500 रुपये भावांतर राशि देने की बात कही गई थी। कई किसानों को भावांतर राशि नहीं मिली।

इससे उन्हें प्रति क्विंटल करीब 300 से 400 रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में एमएसपी पर बाजरे की खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान यूनियन बड़ा आंदोलन करेगी।

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