90 सरकारी स्कूलों में पानी के सैंपल फेल, हाई TDS और बैक्टीरिया मिलने से बच्चों की सेहत पर खतरा
रेवाड़ी जिले के 90 सरकारी स्कूलों में पीने का पानी असुरक्षित पाया गया है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा ...और पढ़ें
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अब विभाग की तरफ से इन स्कूलों में पुन: कराई जाएगी जांच
HighLights
रेवाड़ी के 90 सरकारी स्कूलों में पानी असुरक्षित मिला।
हैंडपंप, बोरवेल और सप्लाई के पानी में बैक्टीरिया।
बच्चों की सेहत को देखते हुए दोबारा जांच के आदेश।
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से कराई गई पानी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।
जिले के 90 सरकारी स्कूलों में पानी पीने लायक नहीं मिला है। जांच रिपोर्ट में पानी के सैंपल फेल हो गए हैं, जिससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
पानी में टीडीएस की मात्रा ज्यादा
जानकारी के अनुसार बच्चे किसी स्कूल में हैंडपंप तो कहीं बोरवेल का पानी पीने को मजबूर हैं। कुछ स्कूलों में जनस्वास्थ्य विभाग की सप्लाई का पानी आता है, लेकिन जांच में वह भी सुरक्षित नहीं मिला। पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक होने के साथ-साथ बैक्टीरिया भी पाए गए हैं।
बता दें कि अगस्त-सितंबर माह में विद्यालय मुखियाओं की तरफ से विद्यालयों में उपलब्ध पानी की जांच कराई गई थी। इस दौरान स्कूलों के हैंडपंप, बोरवेल और नलों से पानी के नमूने लेकर जनस्वास्थ्य विभाग की लैब में जांच के लिए भेजे गए थे। इसके बाद विद्यालय मुखियाओं की तरफ से पानी आने वाले स्त्रोत की सूचना के साथ जिला मुख्यालय पर रिपोर्ट भेजी गई थी। रिपोर्ट में सामने आए आकड़े चौंकाने वाले हैं। करीब 90 स्कूलों का पानी पीने के मानकों पर खरा नहीं उतरा।
जिले में संचालित हो रहे हैं 638 सरकारी स्कूल
रेवाड़ी जिले में कुल 638 सरकारी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से 90 स्कूलों में पानी की शुद्धता मानकों से काफी कम पाई गई। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बावल, रेवाड़ी और नाहड़ खंड के स्कूलों में मिली है, जहां आज भी बच्चे बिना आरओ और वाटर फिल्टर का पानी पी रहे हैं। कई स्कूलों में तो वर्षों से आरओ खराब पड़े हैं, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।अब विभागीय अधिकारियों ने सभी स्कूलों में दोबारा सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग का पेयजल कनेक्शन
विभागीय अधिकारियों की तरफ से बोरवैल व हैंडपंप के पानी के सैंपल फेल मिलने पर सख्ती कर दी है। जिन विद्यालयों में जनस्वास्थ्य विभाग के पेयजल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है तथा पानी पीने योग्य नहीं है, उन विद्यालय मुखियाओं को जनस्वास्थ्य विभाग से समन्वय करके पेयजल कनेक्शन एवं जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन स्कूलों में पानी की गुणवत्ता सही नहीं मिली है, वहां दोबारा जांच करा जा रही है। संबंधित विद्यालय मुखियाओं को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं जिन विद्यालयों में जनस्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आपूर्ति होने वाला पानी भी पीने लायक नहीं मिला है, वहां पर टंकियों की अच्छे से सफाई करने तथा सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों की सेहत से समझौता नहीं किया जाएगा।
- अरविंद यादव, उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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