जल जीवन मिशन: अमरोहा की महिलाएं बनीं शुद्ध पेयजल की प्रहरी, गांव-गांव कर रहीं पानी की जांच
अमरोहा में जल जीवन मिशन के तहत 4519 प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित कर रही हैं। ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
अमरोहा में 4519 महिलाएं कर रहीं पेयजल गुणवत्ता जांच।
जल जीवन मिशन के तहत सुजलाम शक्ति समूह सक्रिय।
फील्ड टेस्ट किट से पानी की अशुद्धियों की पहचान।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। गांवों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत जिले में प्रशिक्षित 4519 महिलाएं फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं। सुजलाम शक्ति समूहों से जुड़ी ये महिलाएं गांवों में पानी की शुद्धता के अलावा लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक भी कर रही हैं।
जल जीवन मिशन 1.0 में प्रत्येक राजस्व गांव से पांच महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया था। अब यही प्रशिक्षित महिलाएं जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सुजलाम शक्ति समूह के रूप में गांवों में पेयजल गुणवत्ता की निगरानी कर रही हैं। जिले में कुल 953 राजस्व गांवों की 4519 महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया है।
एफटीके के जरिए पानी में आयरन, नाइट्रेट, क्लोराइड समेत विभिन्न अशुद्धियों की प्राथमिक स्तर पर जांच की जाती है। प्रशिक्षित महिलाएं हर महीने घरों के नल कनेक्शन (एफएचटीसी), विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों और हैंडपंप सहित विभिन्न स्रोतों से पानी के नमूने लेकर उनकी जांच करती हैं। इस कार्य के लिए उन्हें मानदेय भी दिया जाता है। सुजलाम शक्ति समूहों की महिलाओं को ग्राम स्तर पर गठित जल समितियों में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस तरह वे गांवों में जल संरक्षण से जुड़े प्रयासों में भी भागीदारी निभा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। गांव स्तर पर प्रशिक्षित महिलाओं के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है। पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुजीब अहमद, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण
