पानीपत, जेएनएन। जेसीबी चढ़ाने से बच्‍चे की मौत के बाद हंगामा शुरू हो गया। भतीजे की मौत के बाद बुआ लीलावती और दादी प्रेम बाई अचेत हो गईं। होश में आने पर प्रेम बाई कह रही थी कि रोटी की तलाश में गांव से आए थे। दामाद ने कहा था कि यहां काम ज्यादा है और कमाई भी। अब उन्होंने पोते को खो दिया है। कमलापथ से बड़ा भाई पांच वर्षीय अभिषेक, तीन वर्षीय अनिद और बहन चमेली है। 

ये था मामला
पति राज मिस्त्री कन्हैयालाल झील की दीवार का निर्माण कर रहे हैं। पास में ही तीन बेटों में सबसे छोटे डेढ़ साल के कमलापथ को पगडंडी पर सुला दिया। बड़ी बेटी सात साल की चमेली को निगरानी में छोड़कर वह कान की दवा लेने झोपड़ी में चली गई। पांच मिनट बाद ही झारखंड के कैरिया गांव का श्रवण पास में खड़ी जेसीबी को चलाने लगा और कमलापथ को कुचल दिया। 

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बिना काम के श्रवण ने जेसीबी चलाई
कन्हैयालाल ने कहा कि श्रवण बजरी व सीमेंट का मसाला बनाने के लिए मिक्सचर मशीन चलाता है। श्रवण ने नशे में जेसीबी चलाई और बेटे को कुचल दिया। 

11 बजे शराब पी
आरोपित श्रवण ने पुलिस को बताया कि जब वह आठ साल का था। तब वह पंजाब गया था। इसके बाद घर नहीं लौटा। हाली पार्क का निर्माण कर रही श्री बालाजी कंपनी के मालिक सिवाह के राजेश कादियान हैं। वह कादियान के पास 12 साल से काम कर रहा है। रविवार सुबह 11 बजे उसने शराब पी ली थी। जेसीबी का चालक नहीं था। मसाला डालने के लिए वह जेसीबी चलाने लगा। मोड़ते समय जेसीबी से बच्चा कुचला गया। उसे नहीं पता था कि सीमेंट के खाली कट्टे पर चुन्नी के नीचे बच्चा सो रहा है। 

डेढ़ साल से चल रहा निर्माण
23.41 करोड़ रुपये की लागत से हाली पार्क में झील और ओपन एयर थियेटर का डेढ़ साल से निर्माण चल रहा है। यहां पर कन्हैयालाल के गांव के खिल्लू, दयाराम, रमेश सहित 30 श्रमिक काम करते हैं।

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