पानीपत/कुरुक्षेत्र, जेएनएन। शादी के तमाम सपना सजोए दूल्‍हे को उस वक्‍त झटका लगा जब उसे बिना दुल्‍हन के लौटना पड़ा। उसके साथ पहुंचे बराती भी बैरंग लौटा दिए गए। साथ ही कुरुक्षेत्र की बाल विवाह निषेध अधिकारी ने उन्‍हें हिदायत भी दी। 

दरअसल, पंजाब के संगरूर से 28 वर्षीय दूल्हा नाबालिग के साथ शादी करने कुरुक्षेत्र के दीदार नगर आया था। वधू की उम्र अभी सवा 17 साल थी। महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा सूचना के आधार पर पहुंची। उन्होंने दस्तावेजों की जांच कर लड़की को नाबालिग पाने पर शादी रुकवा दी। इसके बाद बारात बैरंग लौट गई। परिजनों ने बालिग होने पर ही शादी करने का भरोसा दिया है। 

महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने बताया कि उनको मंगलवार को सूचना मिली कि दीदार नगर में एक नाबालिग का विवाह किया जा रहा है। उनकी टीम मौके पर पहुंची और लड़की के आयु संबंधित प्रमाण पत्रों की जांच की। लड़की की उम्र 17 साल तीन महीने मिली। जबकि लड़के की उम्र 28 साल मिली। 

लड़का व लड़की दोनों पक्षों को समझाया

सविता राणा ने बताया कि वर और वधू दोनों पक्षों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी। उनको बताया कि  जानकारी के अभाव में कुछ लोग बाल विवाह कर देते हैं। इसका दोनों पक्षों को नुकसान उठाना पड़ता है। परिजनों ने बताया कि लड़की ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। वह अब घर पर ही थी। परिजनों ने लॉकडाउन में उसकी शादी करने का फैसला लिया। 

ये भी पढ़ें: 24 घंटे में खाकी का बदला, दो पुलिसकर्मियों की हत्‍या के बाद जींद में मुठभेड़, एक बदमाश ढेर

ये भी पढ़ें: Sonipat-Jind Encounter: बूढ़ाखेड़ा गांव का लाडला था रविंद्र, कलावती के कप्तान को था खाकी का शौक

ये भी पढ़ें: Religion Conversion पानीपत में 5 परिवारों के 24 सदस्यों ने मुस्लिम धर्म छोड़ अपनाया हिंदू धर्म

पानीपत की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

Posted By: Anurag Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस