जेएनएन, पानीपत। विवाह की सारी तैयारियां मुकम्मल हो चुकी थी। शादी का मंडप सज चुका था। दुल्हन परिवार के सारे रिश्तेदार शादी के उत्साह में डूबे थे, लेकिन अचानक दुल्हन की एक कॉल पर वहां पुलिस धमक पड़ी। फिर क्या था, शादी के जश्न का माहौल थम गया। शादी रुकवा दी गई। दरअसल, दुल्हन अभी नाबालिग थी। उसने जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को फोन कर शादी रुकवाने की गुहार लगाई थी।

शौदापुर निवासी व्यक्ति की पांच बेटियां हैं। उसने बड़ी बेटी के देवर से साढ़े पंद्रह साल की सबसे छोटी बेटी की शादी करनी थी। गत सुबह बारात उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के नयागांव से बरात आनी थी। इसी दौरान किशोरी ने एक साल पहले स्कूल में जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी द्वारा बाल विवाह की शिकायत करने की बात याद आई गई। तब उसे महिला अधिकारी ने अपना मोबाइल नंबर व महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 दिया था।

किशोरी महिला अधिकारी का नंबर तो भूल गई, लेकिन उसे महिला हेल्पलाइन नंबर याद था। किशोरी ने इसी नंबर पर कॉल करके शादी रुकवाने की गुहार लगाई। इसकी सूचना जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता को दी। रजनी ने मामला मॉडल टाउन प्रभारी संदीप सिंह के संज्ञान में लाया। इसके बाद असंध नाका चौकी पुलिस शौदापुर पहुंची। तब तक बरात नहीं आई थी।

परिजनों ने बरात रुकवा दी। पुलिस किशोरी और उसके माता-पिता को लेकर रजनी गुप्ता के कार्यालय पहुंची। किशोरी के आयु प्रमाणपत्र की जांच की तो जन्मतिथि 2 नवंबर 2002 की मिली। किशोरी ने नौंवी कक्षा पास कर पढ़ाई छोड़ दी थी। किशोरी ने बताया कि वह शादी नहीं करना चाहती है। पिता उसकी जबरन शादी करा रहे थे।

वहीं, पिता ने कहा कि बेटी उसकी बात नहीं मानती थी। कई बार वह घर से जा चुकी है। इसलिए शादी कर रहा था। अब बेटी की शादी बालिग होने पर ही की जाएगी। रजनी गुप्ता ने बताया कि अब दूल्हे व उसके परिजनों को कार्यालय तलब किया गया है। दूल्हे की आयु की भी जांच की जाएगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt