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'क्या गुरु जी के खिलाफ साजिश थी?', डेरा सच्चा सौदा के विज्ञापनों पर हाई कोर्ट सख्त; अखबारों को थमाया नोटिस

Published: Wed, 07 Oct 2026 02:56 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा से संबंधित एक विज्ञापन पर आपराधिक अवमानना का स्वत: संज्ञान लिया है।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा विज्ञापन पर आपराधिक अवमानना का स्वत: संज्ञान लिया

  2. विज्ञापन में न्यायपालिका के खिलाफ आरोपों को प्रथमदृष्टया अवमानना माना गया

  3. डेरा प्रबंधन और समाचार पत्रों के प्रकाशकों को नोटिस जारी करने का निर्देश

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा से संबंधित अखबारों में प्रकाशित एक विज्ञापन को लेकर आपराधिक अवमानना का स्वत: संज्ञान लिया है।

हाई कोर्ट ने प्रथमदृष्टया माना कि विज्ञापन की सामग्री में न्यायपालिका के खिलाफ ऐसे आरोप और संकेत हैं, जिनसे अदालत की प्रतिष्ठा कम करने, न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप करने या न्याय प्रशासन में बाधा डालने की प्रवृत्ति हो सकती है। मामला जस्टिस सुभाष मेहला की पीठ के समक्ष है।

मामला 12 सितंबर 2026 को प्रकाशित विज्ञापन से जुड़ा है। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार एक अंग्रेजी और  एक हिंदी  समाचार पत्र ’ के संबंधित संस्करणों में प्रथम पृष्ठ पर ‘डेरा सच्चा सौदा क्या है? (तथ्य बनाम कल्पना)’ शीर्षक से विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। विज्ञापन में ‘क्या गुरु जी के खिलाफ साजिश थी?’ उपशीर्षक भी दिया गया था।

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न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंका

16 सितंबर को पारित आदेश में हाई कोर्ट ने कहा कि कि विज्ञापन की सामग्री को देखने से प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लंबित अपीलों और मुकदमों के दौरान किसी दोषी या आरोपित के पक्ष में अदालतों को साजिश का हिस्सा बताने वाले सार्वजनिक आह्वान और भुगतान किए गए कथानक जनता की राय और प्रभाव को न्यायिक प्रक्रिया की ओर मोड़ने का प्रयास हो सकते हैं। अदालत ने माना कि इससे न्याय प्रशासन सीधे तौर पर प्रभावित होने की आशंका है।

हाई कोर्ट ने अब इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 215 और न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 की धाराओं 2(सी)(i), 2(सी) (iii) और 15(1) के तहत स्वत: संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया है।

पांच पक्षों को जारी होगा नोटिस

रजिस्ट्री को 7 अक्टूबर 2026 के लिए पांच संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। इनमें डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन, एक अंग्रेजी समाचार के प्रकाशक और संपादक-इन-चीफ तथा हिंदी दैनिक के प्रकाशक और संपादक-इन-चीफ शामिल हैं।

अदालत ने चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इन सभी संबंधित पक्षों का विवरण हाई कोर्ट की रजिस्ट्री को तत्काल उपलब्ध कराने में सहयोग करने का निर्देश भी दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रकाशित सामग्री में लगाए गए आरोपों और टिप्पणियों की जांच न्यायालय की अवमानना अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जानी आवश्यक है। मामले को आगे नियमित रोस्टर के अनुसार सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।

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