स्कूल में बच्ची के साथ बर्बर मारपीट; हरियाणा सरकार ने बनाई जांच कमेटी, मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में पहली कक्षा की बच्ची से मारपीट के मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान ...और पढ़ें

सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में बच्ची से मारपीट।
HighLights
मानवाधिकार आयोग ने पंचकूला स्कूल मामले का संज्ञान लिया।
टीम ने स्कूल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था जांची।
स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की भूमिका पर उठ रहे सवाल।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में पहली कक्षा की मासूम बच्ची के साथ बर्बर मारपीट का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।
हरियाणा सरकार की ओर से जांच कमेटी गठित किए जाने के बाद अब हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
शनिवार को आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा और असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा स्कूल पहुंचे। आयोग की टीम ने स्कूल परिसर का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई।
आयोग की टीम के स्कूल पहुंचने के बाद अब मामले में स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही और बच्चों की सुरक्षा के इंतजामों को लेकर जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
आयोग की पड़ताल में यह देखना अहम होगा कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं थीं, घटना के समय निगरानी कितनी प्रभावी थी और बच्ची के घायल होने के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाए गए।
हमला करने वाले छात्र ही परिजनों को लेकर पहुंचा था बच्ची के पास
घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। बच्ची के चाचा फाजिल ने आरोप लगाया था कि स्कूल में इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद परिजनों को समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों के अनुसार, जिस तीसरी कक्षा के छात्र पर बच्ची के साथ मारपीट करने का आरोप है, वही छात्र उन्हें स्कूल के अंदर घायल और बेसुध पड़ी बच्ची के पास लेकर पहुंचा था।
परिजनों का आरोप है कि बच्ची को पिता के बुलाने का बहाना बनाकर स्कूल की पहली मंजिल पर ले जाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने स्कूल में शिक्षकों की मौजूदगी, बच्चों की आवाजाही पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सीसीटीवी फुटेज और निगरानी व्यवस्था पर रहेगी नजर
मामले में स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और उनकी मॉनिटरिंग भी अहम पहलू है। परिजनों का सवाल है कि यदि स्कूल के कैमरों की निगरानी प्रिंसिपल कार्यालय से होती है तो इतनी गंभीर घटना किसी की नजर में क्यों नहीं आई।
जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल पर कैमरे लगे थे या नहीं, वे चालू हालत में थे या नहीं और उनकी रिकॉर्डिंग में घटना से जुड़े तथ्य सामने आते हैं या नहीं।
इसके अलावा घटना के समय संबंधित कक्षाओं और स्कूल परिसर में शिक्षकों तथा कर्मचारियों की ड्यूटी क्या थी और बच्चों की निगरानी की जिम्मेदारी किसके पास थी, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
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